धिन धिन धा धमक धमक मेघ बजे...कविता-
कुमारी रेशमी केवट ग्राम+पंचायत-अमगंवा जिला-अनुपपूर मध्यप्रदेश से एक कविता सुना रही है:
धिन धिन धा धमक धमक मेघ बजे-
दामनी या गई धमक मेघ बजे-
दादुर का कंठ खुला मेघ बजे – धरती का यह ह्रदय खुला मेघ बजे-
पंख का हरी चंदन मेघ बजे-
हाल है अभिन्दन मेघ बजे-
धिन धिन धा धमक धमक मेघ बजे...
Posted on: Jul 22, 2020. Tags: ANUPPUR MP KUMARI RESHAMI KEWAT POEM SONG VICTIMS REGISTER
फूलो से नित हंसना सीखो भवरो से नित गाना...कविता-
ग्राम पंचायत-रक्सा जिला-अनुपपुर मध्यप्रदेश से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही है:
फूलो से नित हंसना सीखो भवरो से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से सीखो शीश झुकाना-
सिख के झोके से लो कोमल भाव बहाना-
दूध और पानी से सीखो मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो जगना और जगाना-
लता और पेड़ो से सीखो सबको गले लगाना...
Posted on: Jul 15, 2020. Tags: ANUPPUR MP DIVYA JOGI POEM SONG VICTIMS REGISTER
Impact : खाता बंद हो गया था जिसके कारण दिक्कत हो रही थी, अब समस्या हल हो गयी है
ग्राम-चंदवार, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कैलास कुमार कोल बता रहे हैं, उनका खता बंद हो चुका था जिसके कारण उन्हें समस्या हो रही थी तब उन्होंने अपनी समस्या को सीजीनेट में रिकॉर्ड किया जिसके बाद उनकी समस्या हल हो गयी है इसलिये वे मदद करने वाले सभी साथियों को धन्यवाद दे रहे हैं: संपर्क नंबर@9179476356. (AR)
Posted on: Jul 12, 2020. Tags: ANUPPUR IMPACT STORY KAILAS KUMAR KOL MP SONG VICTIMS REGISTER
हे गोपाल कृष्ण करूं आरती तेरी...भक्ति गीत-
भूमिका खोटे ग्राम-बिजुरी, जिला-अनूपपुर मध्यप्रदेश से एक भक्ति गीत सुना रही है:
हे गोपाल कृष्ण करूं आरती तेरी-
हे पिया पति मै करूं आरती तेरी-
तुझपे वो कान्हा बली-बली जाऊं-
साँझ सबेरे तेरे गुण गाऊँ-
प्रेम में रंगी मैं रंगी भक्त मैं तेरी-
हे गोपाल कृष्ण करूं आरती तेरी...
Posted on: Jul 12, 2020. Tags: ANUPPUR MP BHAKTI SONG BHUMIKA KHOTE SONG VICTIMS REGISTER
चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं...कविता-
ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालूमाडा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं-
चाह नहीं प्रेमी माला के बिंद प्यारी को ललचाऊ-
चाह नहीं सम्राटो के हे हरी डाला जाऊं-
चाह नहीं देवों के सिर पर चढू भाग्य पर इठलाऊं-
चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं...(AR)
