तुई मै रानी भेट घाट होले कुच रहो दे गांव पारा चोलो...हल्बी गीत-
सीजीनेट के साथी गीता नाग एक हल्बी गीत सुना रही हैं :
तुई मै रानी भेट घाट होले कुच रहो दे गांव पारा चोलो-
तुई मै राजा भेट घाट होले कुच रहो दे गांव पारा चोलो-
कुचरो होने काय कोरुवा ते तो दादा संग जोरी चो चो-
मुनहा जुमता कोटकेबे कोट कचहरी नीता किकिबे-
एहित मया चो रो-
दोंड़ो सबले बड़े रा...
Posted on: Apr 25, 2019. Tags: GEETA NAAG SONG VICTIMS REGISTER
हमारा ग्राम अधिकार अभियान...गीत-
ग्राम-नवस्ता, पोस्ट-तनहा, तहसील-त्योथर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से विमला वर्मा एक गीत सुना रहे हैं :
हमारा ग्राम अधिकार अभियान-
हमें बताता है जीने का अधिकार-
हमें बताता है हिंसा न सहने का अधिकार-
हमें बताता है, पानी पाने का अधिकार-
हमारा ग्राम अधिकार अभियान...
Posted on: Apr 25, 2019. Tags: MP REWA SONG VICTIMS REGISTER VIMALA VARAMA
स्वास्थ्य स्वर : शरीर में होने वाले दर्द का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी शरीर में होने वाले दर्द का घरेलू उपचार बता रहे हैं | बबूल की कच्ची फली 50 ग्राम, शुद्ध कोचिला 10 ग्राम, गिलोय 50 ग्राम, अजवाइन 50 ग्राम, सोंठ 50 ग्राम, काली मिर्च 30 ग्राम, केवकंद 50 ग्राम, मिश्री 50 ग्राम सभी को साफ़ कर, पीसकर चूर्ण बना लें| एक-एक चम्मच चूर्ण दिन में दो बार भोजन के बाद गर्म पानी से सेवन करें| खाने में खट्टी चीजों का प्रयोग न करें| मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें| नशा न करें| मैदा, शक्कर नमक का प्रयोग कम करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: Apr 25, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
मन के वीणा से गूंजे ध्वनि मंगलम...गीत-
ग्राम-महेशपुर, पोस्ट-लटोरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सावित्री यादव एक गीत सुना रही हैं :
मन के वीणा से गूंजे ध्वनि मंगलम,
स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम-
कैसा पावन सुहावन समय आज है-
आप आये अतिथियों में सरताज है-
मन के बगिया में हमने जो कलियां चुनी...
Posted on: Apr 25, 2019. Tags: CG SAVITRI YADAV SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : एड़ियो में होने वाले दर्द का घरेलू उपचार बता-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय एड़ियो में होने वाले दर्द का घरेलू उपचार बता रहे हैं | सबसे पहले यह ध्यान देना है, कि पेट में कब्ज न रहे| गैस न बने| रात को एक गिलास दूध में 8-10 बड़ी वाली दाल जिसे मुनक्का दाल कहते हैं| दूध में उबलना है| उसके बाद दाल को निकल के खाना है| दूसरा एक बैगन को लेकर, उसमे छेद कर कुछ लहसुन की काली डाल देना है| उसके बाद एक लोहे की कढ़ाही में सरसों के तेल, एक चम्मच मेथी, एक चम्मच अजवाइन और लहसुन लगे बैगन को पकाना है| जब वह जल जाये| तो उस तेल को छनकर रख लेना है| उसके बाद उसे लगाना है| संबंधित जानकारी पाने के लिये संपर्क करें : राघवेंद्र सिंह राय@6306748178.
