बस यही तो बस यही तो मांगता वतन...गीत-
ग्राम पंचायत-टाहकवाडा, विकासखण्ड-छिंदगढ़, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से शिक्षिका कुमारी पिंकी नुरुटी एक गीत सुना रही हैं :
धानी पा धनि-धनि धानी पा-
धनि पपा-पपा, धनि पपा-पपाम, धनि पपा-पपा रे-
औसल बलिदान की निर्माण की लगन-
बस यही तो बस यही तो मांगता वतन-
धानी पा धनि-धनि धानी पा...
Posted on: Sep 25, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG CHHINDGARH SONG SUKMA VICTIMS REGISTER
बच्चों के बीच रहो तो मन की चिंता, डर, तनाव सब दूर हो जाता है: आदिवासी आश्रम की शिक्षिका -
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम पंचायत-टाहकवाडा, विकासखण्ड-छिंदगढ़, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से अमर मरावी छात्रावास की शिक्षिका रामकुमारी नेताम और कुमारी पिंकी नुरेटी से चर्चा कर रहे हैं, वे बता रही हैं कि वे दोनों कांकेर से हैं और पहले उन्हें डर लगता था उन्होंने 2 अगस्त 2010 से बालिका छात्रावास में काम शुरू किया था, आश्रम में 127 बच्चे और 3 शिक्षिका हैं, स्कूल में पहली से 5 वी तक की कक्षा है, वे बच्चो के सांथ ही ज्यादा समय व्यतीत करती है, जब वे बच्चो के बीच होती हैं, तो उनके मन की चिंता, तनाव सब दूर हो जाता है, वे बहुत अच्छे से पूरा काम देखते है और संभालते हैं : अमर मरावी@9754684672.
Posted on: Sep 25, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG CHHINDGARH EDUCATION SCHOOL SONG SUKMA VICTIMS REGISTER
लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की हिफाजत...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना-
रोशनी होगी चिंगारो को जलाये रखना-
लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की आजाद-
लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की हिफाजत-
उस वीरांगना के दिखाये मार्ग पर जरुर चलना होगा...
Posted on: Sep 25, 2018. Tags: CG GONDWANA KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
सबसे पहले हमारे यहां कुछ ब्राम्हण परिवार के लोग बसे थे, जिसके कारण शहर का नाम बम्हनी पड़ा...
नगर पालिका-बम्हनी, तहसील-नैनपुर, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से शिक्षक रामगोपाल हरदहा अंकित पडवार को बता रहे हैं कि उनका बम्हनी नगर बंजर नदी के किनारे बसा एक छोटा सा जगह है, जो मंडला से 10 किलोमीटर की दूरी पर है, उनका कहना है कि शायद इसी नदी के नाम से नगर का नाम बम्हनी पड़ा, उनके पूर्वजो के अनुसार वहां पर पहले ब्राम्हण परिवार के लोग ज्यादा बसे हुवे थे और उन्ही ने नगर को बसाया है, आज वहां कई समुदाय के और धर्म को मनाने वाले लोग रहते हैं, उस समय 3 या 4 परिवार के लोग रहते थे जो जमींदार भी थे तो उनके कारण भी शहर का नाम बम्हनी पड़ा ऐसा भी लोग कहते है. आज वहां की संख्या 10 हजार से ज्यादा हो चुकी है | अंकित पडवार@9993697650.
Posted on: Sep 25, 2018. Tags: ANKIT PADWAR MANDLA MP NAINPUR SONG STORY VICTIMS REGISTER
वनवासी हा उदासी होगे गा, वनवासी हा उदासी होगे ना...छत्तीसगढ़ी भक्ति गीत-
ग्राम-मणादौर, पोस्ट-चाँदरानी, थाना, विकासखण्ड-समनापुर, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से अवधेश कुमार यादव एक छत्तीसगढ़ी भक्ति गीत सुना रहे हैं :
वनवासी हा उदासी होगे गा, वनवासी हा उदासी होगे ना-
चल पता करी लंका मा, माता हेरागे, सीता गवागे-
राम सिया के खोजे बर राम लक्षण घुमाथे ना-
सिया जनक के पता लगाये बर हनुमान लंका गए हे ना-
चल पता करी लंका मा, माता भुलागे सीता गवागे...


