स्वास्थ्य स्वर : नीम की पत्तियों के औषधीय गुण और प्रयोग-
ग्राम-सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी नीम के औषधीय गुण और उपयोग को बता रहे हैं, नीम मनुष्य के शरीर में उत्पन्न होने वाली अनेक बीमारियो मे लाभकारी होता है, चर्मरोग में बिस्तर पर नीम की पत्तियां बिछाकर सोने, पत्तियों को पानी में उबालकर नहाने, सुबह पत्तियों का 10 ग्राम रस पीने से लाभ हो सकता है, सांथ ही नीम के तेल या रस से शरीर का मालिस भी कर सकते हैं, नीम के 8 से 10 पत्तो को दही में पीसकर लेप करने से शरीर का दाग मिट सकता है, इसका रस खून साफ करने और बढाने में मदद करता है, इसलिए नीम का 5 से 10 ग्राम रस प्रतिदिन सेवन कर सकते हैं : रमाकांत सोनी@9424167683.
Posted on: Sep 26, 2018. Tags: CG HEALTH MUNGELI RAMAKANT SONI SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
पर्वतो के गोद से निकलकर मैं नदी नाला बन जाती हूँ...प्रकृति कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी प्रकृति पर एक कविता सुना रहे हैं :
पर्वतो के गोद से निकलकर मै नदी नाला बन जाती हूँ-
आसमान से धरती पर गिर कर मैं पानी कहलाती हूँ-
इतनी उचाई से गिरकर भी मै शुद्ध स्वच्छ रहती हूँ-
चट्टान को भी काटकर अपनी राह बना लेती हूँ-
टेढ़ी मेढ़ी बहकर भी मै बड़ी भोली भाली हूँ-
सबकी प्यास बुझकर भी मै गंदगी कहलाती हूं...
Posted on: Sep 26, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
बूढी मईया कहे सोने के कुदरिया गढ़ाइयो दे हूँ...देवी भजन
ग्राम-गोविंदपुर, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी के साथ में जितनराम मरपच्ची एक देवी भजन गीत सुना रहे है:
बूढी मईया कहे सोने के कुदरिया गढ़ाइयो दे हूँ-
में जाहूं बगरा कोड़ारे सुरुजा बात बोले-
माई चलाले अधरती गे सेवा ला करूँ भिनु सारे गे माई-
सेवाला लेले महारानी गे दाई-
कुदरगढ़ी कहे सोने के कुदरिया गढ़ाइयो दे हूँ-
बूढी मईया कहे सोने के कुदरिया गढ़ाइयो दे हूँ...
Posted on: Sep 26, 2018. Tags: BHAJAN CG PRATAPPUR RUPLAL MARAVI SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : स्मरण शक्ति बढ़ाने का घरेलू उपचार-
ग्राम-रहेंगी, तहसील-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा स्मरण शक्ति बढ़ाने का घरेलू उपचार बता रहे हैं, एक चम्मच गेंदे के बीज और उतना ही मिश्री एक कप दूध के साथ सुबह-शाम प्रतिदिन कुछ हफ्ते सेवन करें, इससे लाभ मिल सकता है, गेंदे के बीज को सुखाकर रख सकते है, ये कही भी मिल जाता है, लोग इसे घरो में लगाते है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबरो पर संपर्क कर सकते हैं: चंद्रकांत शर्मा@9893327457.
Posted on: Sep 26, 2018. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI SONG SWARA SWASTHYA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : लगातार आने वाले बुखार का घरेलू नुस्खा-
ग्राम-घोंघा, थाना-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से भगतराम लांझी लगातार होने वाले बुखार का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, एक मुट्टी तुलसी और सूर्यमुखी का पत्ता 2 नग दोनों को पीस लें, उसके बाद मिट्टी के बर्तन में पकाएं, पकाने के बाद उसे दो बार छान लें और एक-एक कप मिश्री के सांथ दिन में तीन बार सेवन करें, इसके अलावा पीपल, तुलसी का पत्ता और मधुरस तीनो को मिलाकर गर्म कर थोड़ा-थोडा दिन के तीन से चार बार चाटने से बुखार में आराम मिल सकता है | भगतराम लांझी@7389964276.
