गोठ सुने बर परथे...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
गोठ सुने बर परथे-
नइच करन नौकरी संगी-
हमन नइच करन नौकरी संगी-
नौकरी जैसी नीच कौनो नहीं है-
हमन नइच करन नौकरी संगी-
खेती करबो पाती करबो-
करबो छोट-मोट व्यापार-
पथरा फोडबो, माटी कोड्बो-
आनी बानी के है औ बुता काम-
नौकरी करके हमन नइच बनन काकोरो कुकुर...

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANAHIYA LAL PADIHARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

लगी रे लगन ओ माँ...भक्ति गीत

ग्राम-रिवारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लाल जी बैस एक भक्ति गीत सुना रहे हैं :
लगी रे लगन ओ माँ-
देख तेरे नाम की-
भव सागर में भटकी -भटकी-
जीवन आत्मा – जान का दीप जला दो-
मिले परम आत्मा – हे माँ पायी रे शरण – तेरे कृपा-
श्री राम की गीता -

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: HINDI LALJI VAISH MP SONG VICTIMS REGISTER

छुप छुप अश्रु बहाने वाले, मोती व्यर्थ लुटाने वालो...प्रेरणा गीत-

ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक जीवन प्रेरणा गीत सुना रहे हैं :
छुप, छुप अश्रु बहाने वाले, मोती व्यर्थ लुटाने वालो-
कुछ सपनो के मर जाने से, जीवन नही मरा करता है-
सपना क्या है नयन सेज पर सोया हुआ आंख का पानी-
और टूटना है इसका रैन जागे कच्ची नींद जवानी-
गिली उमर बनाने वालो, डूबे बिना नहाने वालो-
कुछ पानी के बह जाने से सावन नहीं मरा करता है...

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG DURGESH PATEL SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

फूल जैसी मुस्कान तेरी...गीत

ग्राम-हिन्दूबिनापाल, तहसील-अंतागढ, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सीता और सारिका ध्रुव एक गीत सुना रहे हैं:
फूल जैसी मुस्कान तेरी-
तू बनेगा पहचान मेरी – अम्बर के तारो को-
धरती पे लाना है-
राजा इस दुनिया का बन के दिखलाना है –
माँ की दुआए फूले पले तो-
सचाईयो को रख के चले तो-
फूल जैसी मुस्कान तेरी-
मै बनुगी पहचान तेरी...

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG HINDI KANKER RAVO WADDE SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: मलेरिया का घरेलू उपचार-

ग्राम-रहगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकात शर्मा आज हमें मलेरिया रोग का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं. वे कह रहे हैं कि अपामार के पत्ते और काली मिर्च बराबर मात्रा में लेकर पीस लें और फिर इसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाकर मटर के दानों के बराबर गोलियां तैयार कर लें फिर एक-एक गोली को भोजन के बाद नियमित सेवन करने से मलेरिया ज्वर नहीं पकड़ता है | इन गोलियों का सेवन दो से चार दिन करना पर्याप्त होता है | नोट-अपा महारक को छिछला के नाम से भी जाना जाता है, जो आसानी से मिल जाता है | अधिक जानकारी के लिए संपर्क वैद्य चंद्रकात शर्मा@9893327457

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH HINDI MUNGELI SONG VICTIMS REGISTER

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