वर्ष 2015 में पिता की बीमारी से देहांत होने पर योजना अंतर्गत आर्थिक मदद के लिये आवेदन किया था, आज तक क
ग्राम पंचायत-टाटेहा, तहसील-त्योथर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अजय कुमार बता रहे हैं | उनके पिता जी का देहांत टीबी बीमारी के कारण वर्ष 2015 में हो गया था| उस समय उन्होंने राष्ट्रिय परिवार सहायता योजना अंतर्गत आवेदन किया था| जिससे उन्हें आर्थिक मदद मिल सके| सचिब का कहना था, हो जायेगा| लेकिन आज तक काम नहीं हुआ| अब अधिकारियों का कहना है| आवेदन रिजेक्ट हो गया हैं| आगे पता करो| यहाँ से कुछ नहीं हो सकता| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये गये नंबरों पर बात कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें : कलेक्टर@9977742118, CEO@8871777197, सचिव@8839715169. संपर्क नंबर@6306405627.
Posted on: Mar 28, 2019. Tags: AJAY KUMAR MP PROBLEM REWA SONG VICTIMS REGISTER
बाबा तेरे चरणों की, भोले तेरे चरणों की...गीत-
ग्राम बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से विजय कुमार पटेल एक शिव भजन सुना रहे हैं :
बाबा तेरे चरणों की, भोले तेरे चरणों की-
धूल जो मिल जाये-
सच कहता हूँ मेरी, तकदीर संभल जाये-
क्यों न गाऊं दया तेरी-
दिन रात बरसती है, एक बूंद जो मिल जाये...
Posted on: Mar 24, 2019. Tags: CG SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER VIJAY KUMAR PATEL
मेरे भारत के नेताओ, आपस में प्रेम करो...देश भक्ति गीत-
ग्राम-पहाड़िया, पोस्ट-उसरा, जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार धावी एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं :
मेरे भारत के नेताओ, आपस में प्रेम करो-
भारत के नेताओ-
देखो ये धरती हम सब की माता है-
इसकी शान न जाने पाये, चाहे जान भले ही जाये-
ये चारो ओर से करो-
मेरे भारत के नेताओं आपस में प्रेम करो...
Posted on: Mar 23, 2019. Tags: MP SANTOSH KUMAR DHAVI SATANA SONG VICTIMS REGISTER
फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल...होली पर कविता-
जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार होली के त्योहार पर एक कविता सुना रहे हैं:
फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल-
अपने तन पर लेपता, केसर और गुलाल-
तन हो गया पलाश-सा, मन महुए का फूल-
फिर फगवा की धूम है, फिर रंगों की धूल-
मादक महुआ मंजरी, महका मंद समीर-
भँवरे झूमे फूल पर, मन हो गया अधीर...
Posted on: Mar 21, 2019. Tags: ANUPPUR MP POEM RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी...छत्तीसगढ़ी फागुन गीत-
जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार एक छत्तीसगढ़ी फागुन गीत सुना रहे हैं:
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी-
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी-
छोटे बड़े लईका मन देवय किलकारी रे-
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी-
हां संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी-
ले चल रे सैंया बनारस के खोर में-
कुछ भेद नइये रे तोर अउ मोर में...
