स्वास्थ्य स्वर: हड्डी में बुखार (ज्वर) का घरेलू उपचार...

ग्राम-रहंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चन्द्रकान्त शर्मा आज हमें हड्डी में बुखार (ज्वर) का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं: वे कह रहे हैं कि जवा क्षार, यह सभी दवाई दुकानों में उपलब्ध होता है, जो आसानी से आप के आसपास मिल जाता है, हड्डियों में बुखार होने से, जवा क्षार 1-2 रत्ती की मात्रा में नीम के पत्ती के रस के साथ लगातार सुबह शाम सेवन करने से बुखार पसीने के रूप में बाहर होकर बुखार कम हो जाता है, इसके साथ चन्दन का तेल पांच बूंद, बतासे के साथ सेवन कर उपर से ताजा पानी पीने से भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है, यह उपचार घर में ही कर सकते हैं जिसका कोई शुल्क नही लगता है: वैद्य चन्द्रकान्त शर्मा@9893327457.

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI SONG VICTIMS REGISTER

आवाज़ पेड़ों की...प्रकृति कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
पेड़ों की झुरमुटों से आती है पैगाम-
मै शान्ति की प्रतीक हूँ-
मुझसे ही तो माँ-
मुझसे तुम हो, तुमसे मैं नहीं-
मै तो प्राकृति की देन हूँ-
पवन मुझे सुलाती है, पवन हमे उठाती है-
पवन की झोकों से बिखर कर अपने आप उग आती हूँ...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

हे माँ श्रद्धा के जोत जले, पूजा में फूल चढ़े...भक्ति गीत

ग्राम-हिन्दू बिनापाल, तहसील-अंतागढ, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सारिका ध्रुव और रिंकी एक भक्ति गीत सुना रहे हैं :
हे माँ श्रद्धा के जोत जले,पूजा में फूल चढ़े-
इस जगत में पापी है कितने-
सबको गले से लगा आ-आ-
आरती होने लगी-
हे माँ श्रद्धा के जोत जले, पूजा में फूल चढ़े-
हंस के सवारी, सबको है न्यारी-
हाथो में वीणा धरे ऐ-ऐ-
पूजा में फूल चढ़े...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: ANTAGARH CG KANKER NILAWATI WADDE SONG VICTIMS REGISTER

तोला बंदत हौं दिन-रात, वो मोर धरती मैया जय होवे तोर...छत्तीसगढ़ी प्रकृति गीत

ग्राम-भुकभुका, पोस्ट-सेमरदर्री, तहसील-मरवाही, जिला-बिलासपुर, (छत्तीसगढ़) से धंसू छत्तीसगढ़ी भाषा में एक प्रकृति गीत सुना रहे हैं:
तोला बंदत हों दिन-रात-
वो मोर धरती मैया ऐ मोर सोन चिरैया जय होवे तोर-
सूत उठ के बड़े बिहनिया तोरे चे पैयां लागों-
तोरे चे पैयां लागों वो दाई तोरे चे पैयां लागों-
शुरू जोत के करों आरती डंडा शरण पखारों...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: BILASPUR CG CHHATTISGARHI DHANSU SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: गूमा (द्रोण पुष्पी) के पौधे के औषधीय गुण...

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हम सभी को गूमा या द्रोण पुष्पी के पौधे के औषधीय गुण बता रहे हैं: गूमा (द्रोण पुष्पी) का यह औषधीय पौधा हमारे प्राकृतिक वातावरण में ही हमारे आसपास पाया जाता है, यह औषधि आधे सिर दर्द होने पर (यह दर्द प्रातः काल से शुरू होकर दिन ढलने तक होता है) में काफी उपयोगी है यह तकलीफ होने पर गूमा के पत्ते के कर्क (काढ़ा) बनाकर कपाल (माथा) लेप करने से आराम मिलता है| इसके अतिरिक्त गूमा के पत्तों के रस को 1-1 बूंद नासिका में डालने से भी लाभ मिलता है, यह सरल एवं सुखद घरेलु उपचार है जो सभी कर सकते हैं बहुत प्रभावकारी होता है:वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

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