आवाजों से रिश्ता है हम आवाजों से कहते हैं...गीत
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से बिरेन्द्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं :
सीजीनेट के कर्मचारियों को नमस्कार हम कहते हैं-
आवाजों से रिश्ता है हम आवाजों से कहते हैं-
ग्रामीणों की समस्यों का ये निदान कर देते हैं-
देर नही अंधेर सही है कल्याण कर देते हैं-
बन के धरोहर अपने सहोदर दिल में हमारे रहते हैं-
आवाजों से रिश्ता है ये आवाजों से कहते हैं-
सीजीनेट के कर्मचारियों को नमस्कार हम कहते हैं...
Posted on: Feb 16, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
आया मोचो दंतेश्वरी बुआ बयरमहाय...गीत-
ग्राम-मद्दपाल, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से रामलाल मांडवी एक गीत सुना रहे हैं:
आया मोचो दंतेश्वरी बुआ बयरमहाय-
बायदन कर बैन इंद्रावती सुंदर मोचो तुमके शरण-शरण हाय-
मै आय बस्तर जिला चो आदिवासी पीला-
बैलाडीला-बैलाडीला, बैलाडीला-बैलाडीला-
डका देईसे बारी उजर मोचो बस्तर कितलो सुंदर-
मछरी, चिरई आनी-बानी सयान सजन बड़ नानी...
Posted on: Feb 15, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO KONDAGAON SONG VICTIMS REGISTER
हमर मर्दा बड़े मर्दा मुदा...गीत-
ग्राम-मरकापाल, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से राधा एक शादी गीत सुना रही हैं:
हमर मर्दा बड़े मर्दा मुदा-
दे मोसी दे मोसी एडा रे-
कप गुदी डारे लिदी-
दे तुंजा न बीती बीती-
ए सुर बोरबा बोडे बो रबा-
ए सुर बोरबा बोडी बो रबा...
Posted on: Feb 15, 2020. Tags: CG GONDI KONDAGAON SONG SUKHDAI KACHLAM
स्वास्थ्य स्वर : धातु पौष्टिक बनाने का घरेलू तरीका-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी धातु पौष्टिक बनाने का घरेलू तरीका बता रहे हैं, बबूल की फल्ली बिना बीज वाली 100 ग्राम, बबूल की नरम हरी पत्तियां 100 ग्राम, बबूल की गोंद 100 ग्राम लें और चूर्ण बना लें, उसके बाद 100 ग्राम काली मुसली और 100 ग्राम सफ़ेद मुसली, 100 ग्राम सतावर, जंगली कोच में बीज 100 ग्राम और 100 मिश्री मिला लें, सभी को चूर्ण बना कर एक-एक चम्मच चूर्ण सुबह खाली पेट गुनगुने दूध के साथ और रात को सोने से पहले सेवन करें, सबंधित विषय पर बात कर जानकारी ले सकते हैं : एच डी गाँधी@9111061399.
Posted on: Feb 15, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
कागज कर धरती कलम के नागर...गीत-
ग्राम पंचायत-बम्हनी, ब्लाक, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से इनती बाई और सुरती बाई एक गीत सुना रहे हैं:
कागज कर धरती कलम के नागर-
सियाई करा रे बृज बोदी-
बोलो रे भाई राम नाम के सेती-
कागज कर धरती कलम के नागर-
सियाई करा रे बृज बोदी-
बोलो रे भाई राम नाम के सेती...
