भारत का स्वर्णिम गौरव केंद्रीय विद्यालय लाएगा...शिक्षा गीत
ग्राम-गन्नीपुर,जिला-मुजफ्फरपुर ( बिहार) से मोहम्मद अन्सारी
केन्द्रीय विद्यालय पर एक गीत सुना रहे हैं :-
भारत का स्वर्णिम गौरव केंद्रीय विद्यालय लाएगा-
तक्षशिला,नालंदा का इतिहास लौट कर आएगा – भारत का स्वर्णिम गौरव केंद्रीय विद्यालय लाएगा-
जहाँ उपवन के नए सत्र संस्कृति के नए पुष्प...
Posted on: Feb 10, 2019. Tags: MOHAMMAD ANSARI SONG VICTIMS REGISTER
हम हैं बिहारवासी एक हैं सब नेक हैं हम हैं बिहारवासी यह बंगाल जीते शान से-
ग्राम-मालीघाट,जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार जी एकता गीत सुना रहे हैं |
हम हैं बिहारवासी एक हैं सब नेक हैं-
हम हैं बिहारवासी यह बंगाल जीते शान से-
मैं वारि जनजत दुकान से-
पंजाबी भाई के क्या कहने-
हम सब एक समान हैं-
हम हैं बिहारवासी-
हिन्दी गुजराती सब लोग यहाँ-
तरह-तरह के खान पान यहाँ-
बुद्ध गुरुनानक जन यहाँ-
कालिदास विद्यापति मोतीराम यहाँ-
हम हैं बिहारवासी...
Posted on: Feb 10, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
भारतीय मुस्लिम कवि अमीर खुसरो का जीवन परिचय
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार)से सुनील कुमार, अमीर खुसरो की जीवनी सूना रहे हैं- अबुल हसन अमीर ख़ुसरु चौदहवीं सदी के आसपास दिल्ली के पास रहने वाले एक प्रमुख कवि (शायर), गायक और संगीतकार थे। खुसरो को हिन्दुस्तानी खड़ीबोली का पहला लोकप्रिय कवि माना जाता है।किसके द्वारा? वे अपनी पहेलियों और मुकरियों के लिए जाने जाते हैं। सबसे पहले उन्हीं ने अपनी भाषा को हिन्दवी का उल्लेख किया था। वे फारसी के कवि भी थे। उनको दिल्ली सल्तनत का आश्रय मिला हुआ था। उनके ग्रंथो की सूची लम्बी है। साथ ही इनका इतिहास स्रोत रूप में महत्त्व है। खुसरो ने अपना सारा जीवन राज्याश्रय में ही बिताया। राजदरबार में रहते हुए भी खुसरो हमेशा कवि, कलाकार, संगीतज्ञ और सेनिक ही बने रहे। सुनील कुमार@9308571702, raman
Posted on: Feb 10, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
बंसी बजा, बजा रे कन्हैया...गीत
ग्राम-लोहंदी, विकासखण्ड-मोहकेड़, जिला- छिन्दवाडा (मध्यप्रदेश) से सीमा सरेयाम एक आरती गीत सुना रही है :
बंसी बजा...बजा रे कन्हैया-
बंसी बजौवा तो क्या देगी राधा – ले लेना रे मेरे माथे की बिंदिया – ले लेना रे मेरे नाक की नथनी – ले लेना रे मेरे कान की कुण्डल-
बंसी बजा ..बजा रे कन्हैया...
Posted on: Feb 10, 2019. Tags: JYOTI UIKEY SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : नीबू का औषधि के रूप में प्रयोग
अहमदाबाद (गुजरात) से डॉक्टर दीपक आचार्य नीबू के औषधि के रूप में उपयोग के बारे में बता रहे हैं, नीबू आदिवासी क्षेत्रो में आसानी से मिल जाता है और जानकारों के अनुसार आदिवासी क्षेत्र में नीबू को कई प्रकार से उपयोग में लाया जाता है| नीबू पीलिया बीमारी से बचने के लिए सहायक है इसके लिए नीबू के रस में लेंटी पीपल (लॉन्ग पेपर) काली मिर्ची (ब्लैक पेपर) और एक चुटकी काला नमक मिलाकर इसे दिन में रोजाना दो से तीन बार पीड़ित को देने से 15 दिनों के अन्दर पीलिया रोग ठीक हो जाता है|आधा चम्मच नीबू का रस लेकर उसमे हल्दी और दूध की मलाई मिलाकर फोड़े फुंसी वाली त्वचा पर लगाने से फोड़े फुंसी की बीमारी दूर हो जाती है|दीपक आचार्य@7926467407
