डेढ़ साल होने वाले हैं,आज तक समूह द्वारा दिये ईंट का पैसा भुगतान नहीं हुआ...मदद की अपील-
Posted on: Sep 18, 2018. Tags: CG PROBLEM SAHDRI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
भाजपा कांग्रेस दोनों भाई, मिल जुल के राज्य ला चलाई, एक तो डाकू आहे, एक तो कसाई...गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक समसामयिक राजनैतिक कर्मा गीत सुना रहे हैं :
भाजपा कांग्रेस दोनो भाई, मिल जुल के राज ला चलाई-
एक तो डाकू आहे, एक तो कसाई-
एक जन तो जीत लेथें, एक जन तो हार जाथें-
पारी-पारी राज ला चलाई, भाजपा कांग्रेस दोनों भाई-
भाजपा कांग्रेस दोनो भाई, मिल जुल के राज्य ला चलाई...
Posted on: Sep 18, 2018. Tags: CG KAILASH SINGH POYA KARMA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
पहले तो ये देख लो भोला, सामने वाला कैसा है...गीत-
ग्राम-साहपुर, पोस्ट, तहसील-त्योथर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दिलीप कुमार यादव हारमोनियम के साथ गणेश जी के दरबार पर एक गीत सुना रहे हैं :
मेरा गम ही आखिर मेरे काम आया-
आज बहोत रोया कि आराम आया-
दिल की दुनिया भीख में दे दो, क्या दिल कोई पैसा है-
पहले तो ये देख लो भोला, सामने वाला कैसा है...
Posted on: Sep 18, 2018. Tags: DILIP KUMAR YADAV MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
कुकरानो की कमी नहीं, हर पांच साल आते हैं...व्यंग्य रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक व्यंग्य रचना सुना रहे हैं :
कुकरानो की कमी नही हर पांच साल आते हैं-
हर पांच साल में नए-नए परवाने बनाते हैं-
हरी-हरी बंडल दिखाकर हमारे असमत धन छीन जाते हैं-
भोले भाले समझ नही पाते, उनकी चाल-
फंस जाते हैं देख, हरी-हरी नोटो का बंडल-
वादे कसमे भूलकर करते हैं मनमानी-
हम लोग भोले-भाले उनकी चाल कैसे जानी...
Posted on: Sep 18, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SATIRE SONG VICTIMS REGISTER
किसान स्वर : हम लोग अब गाय बैल घर में नहीं रखते तो खेती के लिए गोबर खाद भी नहीं मिलता...
ग्राम पंचायत-हान्केर, तहसील-पखांजुर, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, (छत्तीसगढ़) से सुरेश बता रहे हैं कि उनके गाँव क्षेत्र में अधिकतर धान और मक्का का खेती किया जाता है, उसकी तैयारी वे जमीन की अच्छी तरह से जुताई करने के बाद, बीज की बोवाई करते हैं जिसमे वे मुख्य रूप से रासायनिक खाद का उपयोग करते हैं, पहले लोग गाय, बैल घर में रखा करते थे जिससे उन्हें गोबर (खाद) मिल जाता था, लेकिन अभी वर्तमान में गाय को घर में ज्यादातर नही रखा जा रहा है इसलिए वे रासायनिक खादों का उपयोग करते हैं, जिससे जमीन की उर्वरक शक्ति कम होती जा रही है, पहले लोग गोबर खाद का उपयोग करते थे उसमे तीन साल तक कोई खाद डालने की जरुरत नही होती थी, इसलिए अधिक मात्रा में गोबर खाद का उपयोग करना चाहिए जिससे फसल में अधिक उत्पादन के साथ-साथ जमीन की उर्वरक शक्ति भी नष्ट न हो...
