जगह-जगह तोर जोती जले है जय हो गजानंद स्वामी...भजन गीत -

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेवालाल केवट एक भजन सुना रहे हैं :
जगह-जगह तोर जोती जले है जय हो गजानंन स्वामी – चला चली पूजा करे ला जुल मिल के संगवारी – पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े स्वामी मेवा – लडूवन के भोग लगे संत करे स्वामी सेवा – भादो महीना तोर पूजा होथे जय हो गजानंन स्वामी – चला चली पूजा करे ला जुल मिल के संगवारी...

Posted on: Feb 19, 2019. Tags: REWALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER

मन भौरा रे मन भौरा रे, वो मन भौरा तू भुला गया...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहा है :
मन भौरा रे मन भौरा रे-
वो मन भौरा तू भुला गया-
फूलों को छोड़ काटों में झूल गया-
तेरा मंजिल और था-
कहाँ जाके रास्ता भूल गया-
तुझे कहाँ जाना था, कहाँ जाके फंस गया
क्या पाया क्या खोया, क्या इसका हिसाब लगाया...

Posted on: Feb 19, 2019. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

सीजीनेट के गुणवा का बताई हो, सीजीनेट में जुड़कर देखो भईया...गीत-

ग्राम पंचायत-चपदा, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से गणेश सिंह आयाम एक सीजीनेट गीत सुना रहे हैं :
सीजीनेट के गुणवा का बताई हो, सीजीनेट में जुड़कर देखो भईया-
सीजीनेट हमार गाली गांवन मा घूमे-
शहर सिटी अउ बजारन मा घूमे-
सीजीनेट के असर का बताई हो, सीजीनेट में जुड़कर देखो भईया...

Posted on: Feb 19, 2019. Tags: CG GANESH AYAM ODGI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

गर्भ अवस्था में महिलायें लिपिस्टिक और परफ्यूम का इस्तेमाल न करें...

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार बता रहे है कि गर्भ अवस्था में महिलाओ को लिपिस्टिक और परफ्यूम का इस्तेमाल न करें नहीं तो बच्चे की जिन्दगी को खतरा हो सकता है क्योंकि इसमें हानिकारक B.P.S. केमिकल का प्रयोग किया जाता है B.P.S. एक तरह जेन्डर वेडिंग केमिकल है ये माँ के व्यवहार और बच्चे के तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है इससे माँ खुद का और बच्चे की जरूरतों का ख्याल नहीं रख पाती है| इसके माँ के गर्भ में पल रहे शिशु के मौत में इजाफा होता है| क्योंकि प्लास्टिक के संपर्क में आने के बाद इन्सान के स्वास्थ के लिए खतरनाक होता है| इसलिए इसे प्रतिबंधित किया गया है| सुनील कुमार@7274026391

Posted on: Feb 19, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : पीलिया का घरेलु उपचार

माला धुर्वे, ग्राम-उभेगाँव, जिला-छिंदवाडा, (म.प्र.) से, कनेर के वृक्ष के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी दे रही है इसे देहाती भाषा में इंद्राउन भी कहते है, यह पेड़ अधिकांशतः जंगलों में पाया जाता है, इसके फल गोल होते हैं, जो पकने पर लाल रंग के हो जाते हैं इस पेड़ के फलों को हम वर्षा ऋतू में प्राप्त कर सकते हैं अधिकतर ग्रामीण लोग इसको घरों में लगाकर, इस फल को घरों में बांध देते |
पीलिया में प्रयोग करने की विधि-कनेर के फल के दो बीज को आग में भून कर, गाय के घी में लगातार सात दिनों तक प्रयोग करने पर पीलिया रोग में आराम मिलता है |
संपर्क सूत्र@7582859962

Posted on: Feb 19, 2019. Tags: MALA DHURVE SONG VICTIMS REGISTER

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