गर तुझको जिहाद छेड़नी है, तो बुराई से छेड़...शिक्षा पर कविता
ग्राम-धीरी, पोस्ट-जैतपुरी, तहसील-बैहर, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार मरकाम शिक्षा को लेकर एक कविता सुना रहे है :
गर तुझको जिहाद छेड़नी है, तो बुराई से छेड़-
गर और चाहे हर ओर खुशी, शुरु हो भौर पड़ाई से-
झूठ कपट, बैमानी का , फ़ैला जो जंजाल-
कसम उठा ले इन्हें मिटाने, हो शिक्षित तत्काल-
भारत की पावन धरती से, सारे असत्य मिटा दे-
वीर देश का वीर पुत्र तू, जग को नई दिशा दे...
Posted on: Feb 23, 2019. Tags: JAGDISH KUMAR MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
मढियान मंदीर में राजा महाराजा पूजा अर्चना के बाद बलि देते थे वो आज भी जारी...
मोहला मानपुर क्षेत्र के अनर्गत आने वाले ग्राम पंचायत-मढियानवाडी, जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से राजेन्द्र कोरेटी बता रहे है की गाँव से 10 किलोमीटर दूर स्थित मढियान देवी मंदिर है, जो पुराने राजा महाराजाओं का गढ़ किला है यहाँ पर जिस प्रकार से पुराने समय में राजा महाराजा पूजा अर्चना के बाद बलि देते थे वो आज भी जारी है, उसी प्रकार से आज भी पूजा अर्चना की जाती है, अभी नए देवी देवताओं की स्थापना कर रीति रिवाज अनुसार कार्यक्रम किया गया तथा भेड़,बकरियों की बलि भी दी गई |
Posted on: Feb 23, 2019. Tags: RAJENDRA KORETI SONG VICTIMS REGISTER
माटी होही तोर चोला रे संगी...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी शांती एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं :
माटी होही तोर चोला रे संगी – माटी से उपजे माटी मा बढ़े माटी मा मिलना है तोला – माटी के घर मा माटी के भुईयां – लाख जतन करे माटी के दुनिया – बड़े मन के नई बाचिस कौन कहे अब तोला – चारेच दिन के सुघर मेला आखिर में सब माटी के ढेला...
Posted on: Feb 23, 2019. Tags: KUMARI SHANTI SONG VICTIMS REGISTER
ईट ला काटी-काटी ये चौरा छवावे हो...डोमकच्छ गीत-
ग्राम पंचायत-रामपुर, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सोहानू एक डोमकच्छ गीत सुना रही हैं:
ईट ला काटी-काटी ये चौरा छवावे हो-
य ईट ला काटी काटी-
झालर खूटा लोलो हमार मडवा छवाय-
ईट ला काटी-काटी ये चौरा छवावे हो...
Posted on: Feb 22, 2019. Tags: CG DOMKACHCHH ODGI SOHANU SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
वरकर चाइये सुनही न पायों मोर सुगा...सुगा गीत-
ग्राम पंचायत-खोहिर, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुकवरिया और जल कुंवर एक सुगा गीत सुना रहे हैं:
वरकर चाइये सुनही न पायों मोर सुगा-
आ गये ससुर लेवना-
ससुर के सांथ हम नही जाई मोर सुगा-
घुंघटा खोलत दिन जाये-
वरकर चाइये सुनही न पायों मोर सुगा...
