एक साथ सब मिलकर बोलो-भारत जोड़ो, भारत जोड़ो...कविता
वीरेन्द्र गन्धर्व राजनांदगांव छत्तीसगढ़ से एक कविता सुना रहे हैं:
गोरो ने किया प्रस्थान-
चल सफल अभियान हुआ-
भारत छोड़ो-
अब सुनो श्रीमान-
कहो अब भारत जोड़ो-
आपस में क्यों अनबन है-
हम एक दूजे के दुश्मन है-
नशे से दूषित हुआ समाज-
माँ बहनो की लूटती लाज-
बच्चे क्यों नहीं सुरक्षित आज-
खतरे में हैं दलितो की जान-
सब का बनेगा हिन्दूस्तान-
भेद भाव के जंज़ीरो को सब मिल के तोड़ो-
एक साथ सब मिलकर बोलो-
भारत जोड़ो, भारत जोड़ो...
Posted on: Nov 06, 2016. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
जाके पूछ अपने बाप से, क्या मिलता है शराब से... नशाविरोधी गीत
जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गन्धर्व एक नशा विरोधी गीत सुना रहे हैं:
जाके पूछ अपने बाप से-
क्या मिलता है शराब से-
जितना कमाते हो रोज तुम-
कर देते हो इसमें रोज गुम-
तुने दूर किया मुझको किताब से-
क्या मिलता हैं...
खाने के लाले पड़े हैं-
सामने कर्ज वाले खड़े हैं-
सवाल कभी पूछ अपने आप से-
क्या मिलता हैं...
Posted on: Aug 26, 2016. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
हिन्दू मांगे आजादी ,मुस्लिम मांगे आजादी... आजादी दिवस गीत
वीरेन्द्र गन्धर्व जिला-राजनंदगांव (छत्तीसगढ़) से आजादी दिवस पर गीत सुना रहें हैं:
हिन्दू मांगे आजादी, मुस्लिम मांगे आजादी-
सिख मांगे आजादी ईसाई माँगे आजादी-
आजादी आजादी...
सबने माँगी आजादी तभी मिली आजादी-
बचपन की थी कुर्बानी-
संघर्षो से डरे नहीं दे दी अपनी जिन्दगानी-
लो सम्हालों आजादी देखो भालो आजादी-
सबके मन में जीवन में मिलकर डालो आजादी...
Posted on: Aug 13, 2016. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
जहाँ जंगल है, वहाँ मंगल है, मीठे कंद-मूल मीठे फल हैं...कविता
जिला-राजनांदगांव (छतीसगढ़) से वीरेन्द्र गन्धर्व जंगल पर एक कविता सुना रहें हैं:
जहाँ जंगल हैं, वहाँ मंगल है-
मीठे कंदमूल मीठे फल हैं-
बहता हैं पावन अनीर – बहता हैं शीतल सलिल-
स्वस्थ रहते हैं निवासी-
प्रसन्न रहते हैं वनवासी-
गृह पट्टे का आधार मिले-
वन पर पूरा अधिकार मिले – यहीं दुआएं प्रतिपल हैं-
जहाँ जंगल है, वहाँ मंगल है-
