वनांचल स्वर: जंगल से मिलता है स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन...
ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से प्रेमलाल कोमरा बताते हैं कि इमली के बीज को आग में भूंजकर उसमें महुआ के फूल को डालकर पकाते हैं| तैयार हो जाने पर खाते हैं और बाज़ार ले जाकर बेच देते हैं| सरई के फूल को भी इमली के बीज की तरह भूंजकर उसमें महुआ के फूल को डाला जाता है, इसे मैंने भी खाया है| कांदा जो जंगल में पाया जाता है, इसे घर में नहीं रखा जाता है| कांदा स्वाद में बहुत कड़वा होता है, इसे भी पकाया जाता है, कांदा को अभी भी खाया जाता है| प्रेमलाल महुआ के लड्डू के भी बारे में बताते हैं, महुए के लड्डू बनाने के लिए महुए को सिलबट्टे या मिक्सी से पीसकर बनाया जाता है| ये सभी स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं जैसे इमली भूने हुए बीजों को खाने से पेट साफ़ होता है|(RM)
Posted on: Feb 27, 2021. Tags: CG KANKER PREMLAL KOMRA VANANCHAL SWARA
पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सल समर्थक होने का आरोप लगाकर जेल भेजा गया था-
ग्राम-मेड़ो, पोस्ट-खोदापाका, तहसील-दुर्गुकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से उदय सिंह पोटाई बता रहे हैं, रात को वे अपने घर में आराम कर रहे थे, तभी पुलिस वाले आये और उन्हें गिरफ्तार कर दुर्गुकोंदल थाने ले गये| थाने में पुलिस वालों ने उनके साथ मारपीट की, उन पर नक्सल समर्थक होने का आरोप लगाया गया| उसके बाद 6 माह की सजा हुई| मामले की वकालत के लिये 20 हजार रुपये खर्च लगा| संपर्क नंबर@8770371674. (185526) RM
Posted on: Feb 27, 2021. Tags: CG KANKER VICTIM STORY
पीड़ितों का रजिस्टर
ग्राम-बुसकी, तहसील-दुर्गुकोंदल, जिला-उतर बस्तर, कांकेर (छत्तीसगढ़) से जगदेव मंडावी बता रहे हैं, 6 साल पहले वर्ष 2013 में सजा हुई थी| जिसके कारण एक साल जेल में रहे| घर की व्यवस्था बिगड़ गयी थी, परेशानियाँ हुई| 1.5 लाख रूपये उधारी लेना पड़ा| जेल से वापस आने के बाद मजदूरी कर पैसे वापस किये| उनका कहना है इस बीच सरकार से कोई मदद नहीं मिला| संपर्क नंबर@7587028358. (185533)RM
Posted on: Feb 27, 2021. Tags: CG KANKER VICTIM STORY
वनांचल स्वर: घटते जंगल बढ़ती परेशानियां...
ग्राम-हिटारकसा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नारायण सिंह साहू बताते हैं कि उनके गांव में आए दिन भालू आ जाते हैं। अभी तक जान-माल का कोई नुक्सान नहीं हुआ है, लेकिन भालू अक्सर गन्ने और सब्जी की फसल को खराब कर देते हैं। ग्रामीण कभी भी भालुओं को नुक्सान नहीं पहुँचाते। जंगल कम होने की वजह से वहां फल-सब्जी नहीं मिलता जिस वजह से भालू गांव में भोजन की तलाश में आ जातें हैं। हम लोगो ने गांव में एक वन समिति बनाई है, जो ग्रामीणों को वन के पेड़ों की कटाई करने से रोकते हैं। हमारे गांव में अब जंगल नहीं है बस कुछ झाड़ियां ही बची हैं । संपर्क – 9424182008 (RM)
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: CG KANKER NARAYANSINGH SAHU VANANCHAL SWARA
पीड़ितों का रजिस्टर: कक्षा 10 वी में पढ़ाई करने वाली लड़की को नक्सल गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
ग्राम-पचांगी, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से धनसिंह कोमरा बता रहे हैं कि 2008 कि बात हैं मेरी बहन जिसकी उम्र तब 17 वर्ष थी, वह मौसा जी के घर में रह कर पढ़ाई कर रही थी, वह कक्षा 10 वी में थी| एक दिन सुबह दुकान से वापस घर आने के रास्ते में बी.एस.एफ. के सैनिक उसे अपने साथ ले गये| उन पर नक्सल गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया, उन्हें एक साल राजनंदगांव जेल में रखा गया| जेल से छूटने के बाद वह स्कूल नहीं गयी, उसे डर था सब उसका मजाक उडाएँगे| वो पढ़ना चाहती थी, एक साल की जेल और दो साल पेशी में उसने बहुत कुछ खोया, इस पुरे मामले में उनके 50 हजार रुपये खर्च हुए| घर मे पैसे नही थे, उधर लेकर मुकदमा लड़ना पड़ा|
सम्पर्क नम्बर @9425292387(185491)RM
