कोई छोटा है न कोई बड़ा सभी एक सामन हैं, हम सब प्राक्रतिक के सेवक हैं ...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कहानी सुना रहा है: एक बार सभी देवताओं का सम्मलेन हुआ| सभी देवता सभा कक्ष में आये, सभी अपने गुणों का बखान करने लगे अग्नि देव बोला मै सभी को आग प्रदान करता हूँ,सब प्राणी पकाकर खाते हैं| मै सभी को जलाकर नष्ट कर सकता हूँ, ठण्ड के दिनों में ताप देकर ठण्ड को भगाता हूँ, इसलिए मै सभी से बड़ा हूँ|पवन देव बोला मेरे कारण सभी जीवित हैं मै सभी जीवों को प्राण वायु देता हूँ,मै बहता हूँ तभी वर्षा होती है सभी को ठंडक प्रदान कर्ता हूँ इसलिए मै सभी से बड़ा हूँ|वरुण देव बोला मै वर्षा के पानी को इकट्ठा करके रखता हूँ मै बड़ा हूँ , चंद्रमा बोला मै रात में सभी को प्रकाश के साथ-साथ शीतलता प्रदान करता हूँ मै बड़ा हूँ |यमराज बोला मै संसार में उतना ही प्राणी रखता हूँ जिससे कोई भी प्राणी को कष्ट न हो, मै बड़ा हूँ| सूर्य देव बोला मै सभी को गर्मी के साथ-साथ प्रकाश देता हूँ मै बड़ा हूँ |शनि देव बोला मेरे प्रकोप से कोई नही बाच सकता मै संसार को पल भर में नष्ट कर सकता हूँ | राहू-केतु बोले हम सूर्य-चंद्रमा को गृह सकते हैं, हम बड़े हैं|इंद्र देव् बोला मै वर्षा कर्ता हूँ तभी धरती को पानी मिलता है | मेघ देव बोला मै पानी बनकर बरसता हूँ तभी सभी को पानी मिलता है | सभी के बाते सुनकर ब्रम्हा, विष्णु, महेश बोले कोई छोटा है न कोई बड़ा सभी एक सामन है, हम सब प्राक्रतिक के सेवक है |
Posted on: May 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
कहाँ लागाये इतना देर तुम्हार नही आज खैर...हास्य व्यंग रचना
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक हास्य व्यंग सुना रहे हैं:
मै जब बाहर से आया दरवाजे से आवाज लागाया-
बीबी कड़ककर बोली अन्दर से दरवाजा खोली-
कहाँ लागाये इतना देर तुम्हार नही आज खैर-
पहले उसने पोंछा लगवाई फिर बर्तन मंज्वाई-
बाद में कपडे भी धुलवाई खाना भी पकवाई-
फिर बिस्तर लगवाई सूत कर मालिश करवाई...
Posted on: May 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मेरा मुनाफा बढ़ गया- कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़(छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कहानी सुना रहे हैं| कहानी कई शीर्षक है “मेरा मुनाफा भाद गया”:
मिलावटी लाल का शहर मै एक होटल था| वो सभी सामान मै मिलावट करके बेचता था| होटल चलता था मगर उतना मुनाफा नहीं होता था जितना उसे उम्मीद था|
वो सोंचता था के सभी समानो मै तो मिलावट कर लेता हुँ पर पानी मै कुछ मिलावट नहीं कर पाता हुँ, यदि पानी मै भी कुछ मिलावट हो तो और मुनाफा होगा| एक दिन उसका दोस्त आया जो शराब पीता था| वो अपने इस शराबी दोस्त को ये बात बोला| उसने कहा के पानी मै शराब मिला दो और ये कह कर वो चला गया|
मिलावटी लाल के मन मै ये बात बेठ गयी और उसने शराब मंगा कर पानी मै मिला दिया| ग्राहक आये और उन्हें पानी के साथ शराब दिया गया| शराब का आनंद लेकर ग्राहक दस रूपए का खाना बीस रूपए का खाया| होटल चलने लगा और मुनाफा भादने लगा| एक दिन वही शराबी दोस्त आया और भीड़ भाड़ देख के बोला के मेरा आईडिया कैसा लगा| मिलावटी लाल बोला काफी खूब|
Posted on: May 17, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI SONG STORY VICTIMS REGISTER
अच्छा था कुंवारा ...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़(छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कहानी सुना रहे हैं|
वनाराशी मामा बड़ा ही कंजूश था, उसके माता पिता का निधन हो चूका था| परिवार में वो अकेला था, उसके पास एक कपडे का दुकान था| उसमे उसने एक नौकर रखा था, उससे मामा सारा काम, घर से लेकर दुकान का कराता था और खुद भी कर लेता था| एक दिन दूर गांव से उसकी मौसी आयी| मौसी को देख मन ही मन मामा बोला, ये बूढी कहा से आ गयी| फिर मौसी ने बोला, वनाराशी शादी कर ले, एक लड़की देखा है बोलो तोह बात चलाऊं| फिर लड़की के माता पिता से मिलकर लड़की पसंद किया और फिर शादी हो गयी, बच्चे हुए फिर खर्चे बढ़ गए| फिर वनाराशी सोचा, अच्छा था कुंवारा, कहा शादी करके फस गया, खर्चे बढ़ गए|
Posted on: May 16, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI SONG STORY VICTIMS REGISTER
आज ख़ुशी से उछल कूद कर रही थी खूब पढाई- कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
आज ख़ुशी से उछल कूद कर रही थी खूब पढाई
मछली के संग उसका होना था जो सजाई
करछुल झूम रहा था उसका मण को मण जो आई
हंस कर मचल उठी उसने ली अंगडाई
प्याज़ लसून देख रहे थी, उनकी हुई खूब पिटाई
मिर्च मसाला खड़े थे, उनकी खूब हुई कुटाई...
