पेड़ो के झुरमुटो से आती है पैगाम, मैं शांति की प्रतीक हूँ मुझसे ही तुम महान...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
पेड़ो के झुरमुटो से आती है पैगाम-
मैं शांति की प्रतीक हूँ मुझसे ही तुम महान-
मुझसे तुम हो महान, तुमसे मै नही-
मै तो प्रकृति की देन हूँ,
पवन मुझे उबलाती है, पवन मुझे उठाती है-
पवन के झोको से बिखरकर, अपने आप उग आती हूँ...

Posted on: Aug 13, 2018. Tags: KANHIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH CHHATTISGARH SONG VICTIMS REGISTER

कुरु-कुरु करत आबे रे मईना-शुरू-शुरू मा खाबे रे...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं :
कुरु-कुरु करत आबे रे मईना-शुरू-शुरू मा खाबे रे-
फरे हावे पीपर डारी मा, पीपर पाके हावे न रे मईना-
बैईठ के मजा ले डाही मा, पका-पका ला खाबे रे मईना-
चीं, चां, चूं, चूं झनी करबे रे मईना, लगे हवय रे फांदा-
कले चुप बैईठे रहिबे कोन्हो न कोंहा मा बईठे रहिबे जादा...

Posted on: Mar 26, 2018. Tags: KANHIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

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