जमा वोल्ले वोड़े का नानो...गोंडी गीत-
ग्राम-पेदाकुर्ती, पंचायत-मनिकोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से कवासी बीमे एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
जमा वोल्ले वोड़े का नानो-
नना पाटा पुन्नो न नानो-
उर्रो नंजो पारो न नानो-
यर्रो नंजो पारो न नानो-
दादा वल्ले वेड़ो न नानो...
Posted on: Jan 27, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO SONG SUKAMA
Impact : आधार लिंक करवाने के बाद काम का पैसा मिल गया है...
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया बता रहे हैं, टमकी निवासी पुष्पेंद्र रोजगार गारंटी में काम किये थे जिसका पैसा उन्हें नहीं मिल रहा था, अधिकारियों का कहना था आधार लिंक नहीं हुआ है इसलिये पैसा नहीं मिल रहा है, जिसके लिये उन्होंने विभाग में आवेदन किया लेकिन काम नहीं हो रहा था, तब उन्होंने सीजीनेट में रिकॉर्ड किया जिसके बाद उनकी समस्या हल हो गयी है इसलिये वे मदद करने वाले सभी श्रोताओं और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं: संपर्क नंबर@7970041518.
Posted on: Jan 27, 2020. Tags: CG IMPACT STORY KAILASH POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
यीशु तेरा नाम सबसे ऊँचा है...गीत-
ग्राम पंचायत-इंजरम, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से मडकाम जोती एक गीत सुना रही हैं:
यीशु तेरा नाम सबसे ऊँचा है-
इस नाम में है मुक्ति
इस नाम में है शांति-
जिस नाम है जिंदगी यीशु ऐ हो न-
जिस नाम है बंदगी यीशु ऐ हो न-
यीशु तेरा नाम सबसे ऊँचा है...
Posted on: Jan 27, 2020. Tags: CG JOTI MADAKAM SONG SUKAMA VICTIMS REGISTER
Narayanpur Bultoo (Bluetooth) Radio : 27th Jan 2020...
Today Ranjeet Mandavi and Sukhdai Matra are presenting Bultoo Radio in Hindi and Gondi Language, in this latest edition of Bultoo Radio She is discussing the issues of Chhattieshgarh People use their mobile phones to call this number 08050068000 and record their songs and reports. People can download this program from their Gram Panchayat office, if it has a broadband center, they can also get it from someone who has a smartphone and internet and then through Bluetooth.
Posted on: Jan 27, 2020. Tags: BULTOO RADIO RANJEET MANDAVI SUKHDAI MATRA
किसी भी उपज को उपयोग करने से पहले और लगाने से पहले पूजा की परंपरा...
ग्राम-आरगट्टा, ब्लॉक-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से दुर्गा कडोती आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा के बारे में बता रहे हैं, उनके गाँव में किसी भी फसल को उगाने के बाद उसे खाया नहीं जाता, खाने से पहले उस उपज की पूजा की जाती है अपने देवी देवताओं को चढ़ाते हैं उसके बाद उपयोग में लाया जाता है| अभी वे सेमी पूजा त्यौहार मना रहे हैं, ग्राम वासी जिस तरह खाने से पहले देवी देवताओ को उपज चढाते हैं उसी तरह बीज लगाते समय भी ये प्रकृया की जाती है| इस तरह से आज भी निवासी अपने परंपरा और संस्कृति को बचा कर रखे हैं| दुर्गा कड़ती@7647052775.
