आवेदन करते हैं लेकिन शौचालय नहीं बन रहा है...
ग्राम-पेदाकुर्ती, ब्लाक-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से मडकाम मिरमल बता रहे हैं उनके घर में शौचालय नहीं बना है शौचालय बनवाने के लिये कई बार सरपंच सचिव के पास निवेदन किये लेकिन आज तक शौचालय नहीं बना हैं उनका नाम राशनकार्ड में हैं वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर शौचालय बनवाने में मदद करें : संपर्क नंबर / मडकाम मिरमल@7587441170. सहायक सचिव@7879114414, CEO@9424270014, कलेक्टर@7864284002.
Posted on: Jan 28, 2020. Tags: BABULAL NETI CG PROBLEM SONG SUKAMA VICTIMS REGISTER
जब बन ही गया बहनो का संगठन...गीत-
ग्राम-नमारी, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुषमा एक संगठन गीत सुना रही हैं:
जब बन ही गया बहनो का संगठन-
इसको मजबूत करने का वादा करो-
चार दिन की सहेली, सहेली नहीं-
उम्र भर साथ देने का वादा करो-
औरतो के सवालो पर आकर सभी-
खूब चर्चा चलाने का वादा करो...
Posted on: Jan 28, 2020. Tags: MP REWA SONG SUSHMA VICTIMS REGISTER
Narayanpur Bultoo (Bluetooth) Radio : 28th Jan 2020...
Today Ranjeet Mandavi and Sukhdai Matra are presenting Bultoo Radio in Hindi and Gondi Language, in this latest edition of Bultoo Radio She is discussing the issues of Chhattieshgarh People use their mobile phones to call this number 08050068000 and record their songs and reports. People can download this program from their Gram Panchayat office, if it has a broadband center, they can also get it from someone who has a smartphone and internet and then through Bluetooth.
Posted on: Jan 28, 2020. Tags: BULTOO RADIO RANJEET MANDAVI SUKHDAI MATRA
नही बांचे नही बांचे नही बांचे ओ...गीत-
गाम-मेटागुडा, ब्लाक-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से बाबूलाल नेटी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
नही बांचे नही बांचे नही बांचे ओ-
मोर दिल के रानी-
राती मोर आथे गा आंखी मा पानी-
कारी हे चेहरा फुलवासी लागे ओ-
कजरेरी आंखी चंदा कस लागे वो-
राति मोर आथे गा आखो मा पानी...
Posted on: Jan 27, 2020. Tags: BABULAL NETI CG SONG SUKAMA VICTIMS REGISTER
चेहरे बदल बदल के आने लगे हैं लोग...गीत-
मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
चेहरे बदल बदल के आने लगे हैं लोग-
दुनिया को हर तरह से सजाने लगे हैं लोग-
भगवन तुम भी खोज अपना नया मकान-
मंदिर व मस्जिदो को गिराने लगे है लोग-
हमको फूलो की सेज से निदत नहीं रही-
बारूद ओढ़ने और भी जाने लगे हैं लोग-
कल तक दबा रहे थे माँ बाप के कदम...
