स्वास्थ्य स्वर : खाज खुजली बीमारी का घरेलू उपचार -

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) वैद्य राघवेंद्र सिंह राय बारिस के दिनों में होने वाली खाज खुजली का घरेलू उपचार बता रहे हैं| बारिस के दिनों में दूषित पानी के कारण खुजली हो जाती है| ऐसी स्थिती में नीम के फल का तेल ग्रषित भाग पर लगायें और 5-7 पत्ते नीम सुबह सेवन करें| चर्म रोग की समस्या में आराम मिल सकता है| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : राघवेंद्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Jul 07, 2019. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : कायाकल्प चूर्ण बनाने का घरेलू तरीका-

प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी कायाकल्प चूर्ण बनाने का घरेलू तरीका बता रहे हैं | आंवला फल 250 ग्राम, मेथी भुनी हुई 250 ग्राम, अजवाइन भुनी हुई 250, वन जीरा 250 ग्राम और 30 ग्राम सेंधा नमक लें| ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्ति नमक का उपयोग न करें| एक-एक चम्मच चूर्ण भोजन से एक घंटे पहले दिन में दो बार सेवन करें| लाभ हो सकता है| मिर्च मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें, नशा न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं| एच डी गाँधी@9111061399.

Posted on: Jul 07, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

सातो बहिनी माई मोर सहेली, माई मोर सहेली...गीत-

ग्राम, पोस्ट-कृष्णा नगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से देवशरण सरुता एक गीत सुना रहे हैं :
सातो बहिनी माई मोर सहेली, माई मोर सहेली-
राउरे चरन में तो गीरल हो, माई गिरल हों-
सातो बहिनी माई रोवत हो, माई रोवत हो-
राउरे चरन में तो गीरल हो माई...

Posted on: Jul 07, 2019. Tags: BALRAMPUR CG DEVASHARAN SARUTA SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : फोड़े, फुंसी का घरेलू उपचार-

जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय शरीर में होने वाले फोड़े, फुंसी का घरेलू उपचार बता रहे हैं| जखंपात की पत्ती को लेकर उसमे तेल लगाकर उसे हल्का गर्म कर उसमे लगाना है, जिससे फोड़ा से आराम मिल सकता है| यदि नया फोड़ा है तो सूख जायेगा| पुराना होने पर पक कर बहार निकल जायेगा| संबंधित जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: राघवेंद्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Jul 06, 2019. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

आदिवासी समुदाय के लोग शिकार के लिये धनुष और गुलेल का उपयोग करते हैं...

ग्राम-चिन्नार, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल ग्रामवासी बृजेश यादव, नट्टू, दिनेश, कंडी बता रहे हैं| वे वनों में जाकर पछियों का शिकार करते हैं| चूहों का शिकार करते हैं| इसके लिये धनुष और गुलेल का इस्तेमाल करते हैं| आदिवासी ग्रामीण शर्दी, गर्मी, बरसात सभी समय शिकार करते हैं| वे ग्रुप बनाकर शिकार करने जाते हैं|

Posted on: Jul 06, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG NARAYANPUR SONG STORY VICTIMS REGISTER

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