भूख को रोटी दाल पै आना पड़ता है, जानबूझकर जाल पै आना पड़ता है...गज़ल
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार महेश कटारे सुगम की गज़ल सुना रहे है:-
भूख को रोटी दाल पै आना पड़ता है-
जानबूझकर जाल पै आना पड़ता है-
आसमान में चाहे जितना भी उड़ ले-
पंछी को फिर डाल पै आना पड़ता है-
ऐश करेगा कब तक कोई रहमत पर-
लौट के अपने हाल पै आना पड़ता है-
सच्चाई इक हद तक ढाँपी जाती है-
इक दिन तो पड़ताल पै आना पड़ता है-
अनदेखा कब तलक करोगे रिश्तों का-
जल्दी इस्तकबाल पै आना पड़ता है...
Posted on: Feb 13, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
है गाँधी जी की राम राज देखरुवा कागज पर...भोजपुरी देशभक्ति कविता-
ग्राम-साहेबगंज, जिला-मुज्जफरपुर (बिहार) से सोहनलाल दीवाना एक भोजपुरी देशभक्ति कविता सुना रहे है:
है गाँधी जी की राम राज देखरुवा कागज पर-
सन जय जवि कुदान देखरुवा कागज पर-
इंदिरा के विश्व दरू देखरुवा कागज पर-
सब काम कागज पर राज्य के शासन पर कागज पर-
सत्ता धारी प्रशासन के देखरुवा कागज पर...
Posted on: Feb 13, 2019. Tags: SOHANLAL DEEWANA SONG VICTIMS REGISTER
रोड के बीच नाले को पार कर स्कूल जाने से परेशानी होती है...कृपया मदद करें
ग्राम-कैयता, जनपद-गंग्यो, तहसील-मनगवा, जिला-रीवा (म.प्र.) से शिवानन्द दूवेदी हैं उनके साथ स्कूल के कुछ बच्चे हैं जो रोड की समस्या बता रहे हैं स्कूल के छात्रों को स्कूल आने जाने में बहुत सारी दिकत्तों का सामना करना पड़ता है कभी-कभी जाने में नाले के कारण स्कूल नहीं पहुँच पाते, सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कृपया इन नम्बरों पर अधिक से अधिक फ़ोन कर हमारी मदद करें S.D.M@9425357298, कलेक्टर@9425903973.
Posted on: Feb 13, 2019. Tags: SHIVANAND DWIIVEDI SONG VICTIMS REGISTER
तमकी कर गांव में, आमा कर छांय में...डोमकच्छ गीत-
ग्राम पंचायत-तमकी, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रजमनिया और कैलसिया एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं :
तमकी कर गांव में, आमा कर छांय रे-
आमा कर छांय रे, आए न नीलम दीदी हमार गांव में-
टमकी कर गांव में, आमा कर छांय में-
आमा कर छांय रे, आए न नीलम दीदी हमार गांव में...
Posted on: Feb 13, 2019. Tags: CG DOMKACH SONG GEETA TEKAAM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
काहे सुनते नहीं हो पुकार मेरी हो...गीत
ग्राम-चौखंडी, ब्लॉक-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से नीतू मोहरे एक गीत सुना रही हैं:
काहे सुनते नहीं हो पुकार मेरी हो-
मैं तो कब से खड़ी हूँ-
तेरे द्वार गौतम बुद्ध-
महा माया के राज दुलहर हो-
दूधो धन के प्राण पियर हो-
मौसी के गोदी में खेलन हो...

