पुदनावा तोहरे की पीसब चटनिया…झूमर गीत-
ग्राम-दुबियाडीह, पंचायत-इंजामी, तहसील-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुघरी बाई और मंदों एक झूमर गीत सुना रहे हैं :
पुदनावा तोहरे की पीसब चटनिय-
सासन की देबै ससुर जी की देबय-
ननदिया तोहरे की तोड़ हिसा देबय-
पुदनावा तोहरे की पीसब चटनिया…
Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG ODGI SONG SUGHARI BAI SURAJPUR VICTIMS REGISTER
क्या रंगों मै होली के रंग में लाला...रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक स्वरचित रचना सुना रहे हैं :
क्या रंगों मै होली के रंग में लाला-
सुने हवों, निखार इनका भी, मीरा कोयला कला-
कुदत हवों गांव-गांव घर उजर जाही-
आने कोती ले कूकुर कसन-
हुदा-हुदा मन के आंही...
Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RACHANA RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
हमें दूसरो की कमी को ही ध्यान नहीं देना चाहिये बल्कि उसे दूर कर अच्छाई को निखारना चाहिये...कहानी-
एक गांव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था| रामू के पास एक छोटा सा खेत था| जिससे वह अपना घर चलता था| एक दिन वह बाजार में खेत के लिये बीज खरीद रहा था| तभी उसकी नजर दो बड़ी और सुंदर घडो पर पड़ती है, रामू दोनों घडो को खरीद कर घर की ओर चला जाता है| अगली सुबह वह दोनों घडो में लकड़ी बांधकर पानी भरने नदी में जाता है| वह पानी लेकर वापस आता है, तो देखता है कि एक घड़ा फूटा है, जिसमें आधा पानी है| ये देखकर वह निरास नहीं होता और अपने काम पर चला जाता है| दिन गुजरते जाते हैं| रामू प्रतिदिन उन्ही घड़े से पानी लाता है| ये सब देखकर फूटा घड़ा दुखी होता है कि फूटे होने के बाद भी रामू उसे फेकता नहीं उससे पानी लाता है| अगले दिन फूटा घड़ा अपने मालिक से दुखी होकर अपनी कमी को बताता है| रामू कहता है मुझे तुममे कोई कमी नहीं दिखाई देती| वह फिर पानी लेने चला जाता है | फूटा घड़ा रास्ते में खिले फूलो को देखकर अपनी कमी को भूल जाता है लेकिन वापस घर आधे पानी लाने पर दुखी होता है| तब रामू बताता है | रास्ते में जो सुंदर फूल देखकर तुम अपनी कमी को भूल गए थे वे फूल तुम्हारे वजह से ही लगे हैं, तुमसे जो पानी गिरता है उसी से वो फूल उगे हैं और इससे मुझे आमदनी भी होती है| इस कहानी से सीख मिलती है | हमें दूसरो की कमी को ही ध्यान नहीं देना चाहिये बल्कि उसे दूर कर अच्छाई को निखारना चाहिये|
Posted on: Mar 19, 2019. Tags: RAKESH KUMAR SONG STORY VICTIMS REGISTER
राम चले वन को माता हम भी चले जायेंगे...गीत-
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक कविता सुना रहे हैं :
राम चले वन को माता हम भी चले जायेंगे-
भूख लगेगा बेटा तो खाना कैसे पायेंगे-
पैर नंगे, फल-फूल खाते चले जायेंगें-
राम चले वन को माता हम भी चले जायेंगे-
प्यास लगेगा बेटा तो पानी कहां पाओगे...
Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गठिया वात बीमारी का घरेलू उपचार-
ग्राम-रहेंगी, तहसील-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा गठिया वात की बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं |
1. रात को एक गिलास दूध में दो चम्मच अरंडी का तेल मिलाकर पीना है| इसका उपयोग सप्ताह दो दिन करने से लाभ हो सकता है|
2. सोंठ का चूर्ण एक चम्मच एक गिलास पानी में डालकर काढ़ा बना लेना है, और सुबह शाम सेवन करना है| खाने में ईमली या आम चूर्ण खटाई का प्रयोग न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : चंद्रकांत शर्मा@9893327457.
