झन रोक तय मोर डगरिया रे कान्हा...भजन -

डिंडौरी मध्यप्रदेश से संतोष कुमार अहिरवार एक भजन सुना रहे हैं :
झन रोक तय मोर डगरिया रे कान्हा – डर लागे मोला भारी अब मोला जान देना रे – कैसे तोला मैं समझावों,का कहिसकों तोला कैसे मै बतावों – मान लेना कहना मोर, ऐ रे कन्हैया पईयां परथों मै तोर – जनम-जनम के मै दुखियारी तोर चरण के दासी – थोड़को तोला लाज न लागे बीच रास्ता मा एगा कन्हैया – झीक झपट के दहिया ला खाथस...

Posted on: Feb 19, 2019. Tags: SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER

उनको मालुम न गर, सताने की हद...गजल

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सुजीत कुमार सिंह ‘समर’ की गजल को सुना रहे है :
उनको मालुम न गर, सताने की हद-
आप भी रखिये इक निभाने की हद-
इससे पहले कि कोई रुसवाई हो-
जानिये इश्क़ को जताने की हद-
अश्क़ बह जाना भी कभी जरुरी है-
ज़हर बन’-न जाए, मुस्कुराने की हद-
कल कहीं तनहा ,खुद न कर दे उन्हें-
आज अपनों को आजमाने की हद...

Posted on: Feb 19, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

हनुमत पूछ रहे अन्जनी के लाला...भजन गीत-

ग्राम-राम्हेपुर, जिला-बालाघाट, (मध्यप्रदेश) से सरला श्रीवास एक भजन गीत सुना रही है:
हनुमत पूछ रहे अन्जनी के लाला-
मांग में सिंदूर माता किसलिए डाला-
हनुमत की बाते सुन सीता मुस्काई-
पिछा छुड़ाने की युक्ति बनाई-
मेरे स्वामी खुश होंगे इसलिए डाला-
मांग में सिंदूर माता किसलिए डाला-
हनुमत ने मन में सोचा राम को रिझाऊंगा-
माता ने लगाया थोड़ा ज्यादा में लगाऊंगा-
इसलिए हनुमत ने तन रंग डाला-
मांग में सिंदूर माता किसलिए डाला-
भव सागर से वो पार हो जायेगा-
सीता बोली धन्य-धन्य अन्जली के लाला-
मांग में सिंदूर माता किसलिए डाला...

Posted on: Feb 19, 2019. Tags: SARLA SHRIVAS SONG VICTIMS REGISTER

पुदनावा तोहरे की पीसब चटनिया...झूमर गीत-

ग्राम-दुबियाड, पंचायत-इंजामी, तहसील-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुघरी बाई और मंदों एक झूमर गीत सुना रहे हैं :
पुदनावा तोहरे की पीसब चटनिया-
सासन की देबै ससुर जी की देबय-
ननदिया तोहरे की तोड़ हिसा देबय-
पुदनावा तोहरे की पीसब चटनिया...

Posted on: Feb 18, 2019. Tags: BASTIRAM NAAGWANSI CG JHUMAR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

हमारे गांव में आज से पूर्व भक्तों का वास था, लोग सात्विक भोजन करते थे...

ग्राम-हाटपानी, पंचायत-भाड़ी, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से फुलेश्वरी और राघो बता रही हैं वे पंडो समुदाय से हैं | आज से पूर्व गांव में लोग खाने में मांस मदिरा का सेवन नही करते थे | लेकिन अब समय बदल चुका है | लोग मांस मदिरा का सेवन करने लगे हैं | समाज में भक्ति को त्यागकर लोग बुराई की तरफ बढ़ रहे हैं | उनका कहना शराब बंद होगा या नही ये मालूम नही है लेकिन उनके हांथ में होता तो वे समाज में बदलाव लाते | उनके पिता एक भक्त थे, नाम बलदेव था | भगत समुदाय सफेद सूती वस्त्र पहनते थे | पहले महुआ का उपयोग खाने के लिये करते थे लेकिन आज महुवा का उपयोग कर शराब पीते हैं और विवाद करते हैं, जिससे पारिवारिक रिश्ते खराब होते हैं |

Posted on: Feb 18, 2019. Tags: CG ROOPLAL MARAVI SONG STORY SURAJPUR VICTIMS REGISTER

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