माँ की हांथ की रोटी छीनी, जेल की रोटी खाई उन्हें हम क्या दे पाये...गीत-
ग्राम-बटाई, पोस्ट-रेवटी, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं :
माँ की हांथ की रोटी छीनी, जेल की रोटी खाई-
उन्हें हम क्या दे पाये-
उन्होंने लिखकर देदी अपनी जान, देश के लिये हुए कुर्बान-
माँ की हांथ की रोटी छीनी, जेल की रोटी खाई-
उन्हें हम क्या दे पाये-
उन्होंने लिखकर देदी अपनी जान, देश के लिये हुए कुर्बान...
Posted on: Mar 24, 2019. Tags: BALRAMPUR CG DURGESH PATEL SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वास्थ्य : शुगर की समस्या का घरेलू उपचार-
भिलाई (छत्तीसगढ़) से गणेश पांडे बता रहे हैं कि वर्तमान समय में हमारा रहन-सहन, खान पान दूषित हो चुका है| जिससे तरह-तरह की बीमारियां हो रही हैं| आज सुगर एक महामारी के रूप में हमारे सामने है| अक्सर देखा गया है| जिसकी पाचन क्रिया ठीक नहीं होती है, उन्हें ये समस्या होती है| तो उसके लिये मेथी दाना उपयोगी है| एक चम्मच मेथी दाना सुबह खाली पेट गुनगुने या सादे पानी से सेवन करना है| दूसरा मेथी को रात में कांच के बर्तन में पानी में भिगोकर रख दे और सुबह खाली पेट सेवन करें| इससे लाभ हो सकता है| दवा का उपयोग करने से पूर्व दिये गये नंबर पर संपर्क कर पूरी जानकारी ले: गणेश पांडे@9691313813.
Posted on: Mar 24, 2019. Tags: BHILAI CG GANESH PANDE HEALTH SONG VICTIMS REGISTER
पेड़ लगाओ जंगल बचाओ और लगाओ बागवानी...गीत-
ग्राम पंचायत-भेलकच्छ, थाना-रमकोला, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सीतारानी नेटी एक गीत सुना रही हैं:
पेड़ लगाओ जंगल बचाओ और लगाओ बागवानी-
हरा भरा रही गांव गली हर, शुद्ध, हवा, जल पानी-
आम लगाओ, ईमली लगाओ और लगाओ कटहल-
पेड़ लगाओ जंगल बचाओ और लगाओ बागवानी-
हरा भरा रही गांव गली हर, शुद्ध, हवा, जल पानी...
Posted on: Mar 24, 2019. Tags: CG SITARANI NETI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
तोरे सुरता हा आथे मोला, जब दिहे अंगूठी मोला-
ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से संतलाल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
तोरे सुरता हा आथे मोला, जब दिहे अंगूठी मोला-
जिवरा धक-धक, लक-लक लागे ओ-
जब गरी मार पड़े तोला-
का जानो की को आ जाही, खूबय भाग जथो-
एक बोटल दारू के चक्कर मा ही तोला रोवाथो...
Posted on: Mar 24, 2019. Tags: ANUPPUR MP SANTLAL SONG VICTIMS REGISTER
मेरी मम्मी प्यारी मम्मी मुझको बहोत भाती है...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रही हैं:
मेरी मम्मी प्यारी मम्मी मुझको बहोत भाती है-
अपने आंचल के छांव में, लोरी सुनाकर सुलाती है-
अपने तन से दूध पान कराकर-
अपने आंचल से ढक लेती है-
गीले में खुद सोती पर सूखे में मुझे सुलाती है-
थोड़ा भी अस्वस्थ्य होने पर झट अस्पताल ले जाती है...
