ए पेडी कोइलार तरी, ये मैना हर देगी देगा...डोमकच्छ गीत-
ग्राम पंचायत-छतौनी बीजो, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से फूल कुवर और श्रीमती एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं :
ए पेडी कोइलार तरी, ये मैना हर देगी देगा-
ए पेडी कोइलार तरी-
ये मैना हर देगी देगा, बकुला लमगेजा रेका-
चारी जाम कबो...
Posted on: Mar 27, 2019. Tags: CG GANESH AYAM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
बाजी लेले माना चारी ओ धामा, भरा चाकुर गुना रे खीना मरेमा...गीत-
ग्राम पंचायत-भाड़ी, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राघो और सुनाक्षी एक गीत सुना रहे हैं :
बाजी लेले माना चारी ओ धामा-
भरा चाकुर गुना रे खीना मरेमा-
बाजी लेले माना चारी ओ धामा-
बार चकुरिया गुना राथिमना रामा-
बजी लेबे मना चारी ओ धामा...
Posted on: Mar 27, 2019. Tags: CG INDRASO NETAM ODGI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गर्मी के दिनों में होने वाली उल्टी का घरेलू उपचार...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी गर्मी के दिनों में उल्टी होने पर घरेलू उपचार बता रहे हैं| पुदीन हरा की पत्ती 10 ग्राम, इलाइची 10 ग्राम, धनिया 10 ग्राम सभी को साफ़ कर पीसकर एक गिलास पानी में शरबत बना लें | दिन में दो बार भोजन से एक घंटे पहले एक कप सेवन करें| इससे लाभ हो सकता है| गर्मी और गर्म चीजों से बचें| मैदा नमक शक्कर का प्रयोग करें, नशा न करें| अधिक जानकारी के लिये दिये गये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: Mar 27, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
साहस और धैर्य से परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है...कहानी-
एक किसान रात के समय अपनी भैंस को लेकर कहीं जा रहा था| भैंस को उसने हाल ही में खरीदा था| चलते-चलते उसे रास्ते में एक साधू मिला| साधू के हांथ में डंडा था | उसने कहा ये भैंस मेरी है, मुझे दे दो| किसान ने कहा अगर तुम मुझे अपना डंडा दे दो तो मै घर चला जाऊंगा| क्योंकि तुमने मेरी जिंदगी भर की कमाई छीन ली है| साधू ने किसान को डंडा दे दिया| फिर किसान ने डंडे की सहायता से अपनी गाय वापस ले ली| इस कहानी से सीख मिलती है | साहस और धैर्य से हम परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं|
Posted on: Mar 27, 2019. Tags: SONG SONU GUPTA STORY UP VICTIMS REGISTER
हम तो छोड़ जा रहे हैं दुनिया तुम्हारे हवाले करके सारे...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
हम तो छोड़ जा रहे हैं दुनिया तुम्हारे हवाले करके सारे-
हमें न भूलना संभालकर रखना, ऐ आने वाले इस धरती की शान-
यहां तो हर कोई मेहमान और आना जाना लगा है जमाना-
क्या लेके आया क्या लेके जाना, बस दो दिन का मेंहमान-
भाई चारे का सांथ निभाना, गिरे हुए को भी उठाना...
