हम 5 लोगो ने 2 हज़ार घूस देकर 3 साल पहले कूप निर्माण में काम किया जिसका पैसा नहीं मिला...
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया बता रहे है कि उनके गाँव में कूप निर्माण में 4-5 लोगो ने काम किये थे और मनोज खेस साहब ने दो-दो हजार रूपये ले लिया है और 3 साल हो गया है उसका कोई सुनवाई नहीं हुआ है| वे लोग मनोज खेस साहब को पूछते है तो बोलते है पैसा आ जायेगा लेकिन आज तक पैसा नहीं मिला है| इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियो से बात कर उनको पैसे दिलवाने में मदद करें: मनोज@9926753935, कलेक्टर@07775266117, जिला C.E.O.@9424166557, सरपंच@7772911742, S.D.M.9009468871. अधिक जानकारी के लिए संपर्क रामप्रसाद@9171849214. पोया@9753553881
Posted on: Nov 17, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
पास नही है बैल, बदरा पानी दे...किसानी लोकगीत -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) कैलाश सिंह पोया एक किसानी लोकगीत सुना रहे है :
पास नही है बैल, बदरा पानी दे – जालिम है ट्यूबेल द्वारा पानी दे – इज्जतदार, गरीब पुकारे ढ़ोंगी मारे दूध डवारे – चटक रही खपरेल बदरा पानी दे – खोड़ पछांदी लटके झटके एक बार नहला जा झटके – तु गरीब की गयेल बदरा पानी दे रे – ऐसी झड़ी लगा दे बयारे भेद भाव मिट जाए हमारे...
Posted on: Nov 16, 2017. Tags: KAILAS SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हम सब लोग एकजुट होकर अपनी समस्याओं को हल कर सकते है, नशा छोड़ें और एकता बनाएं...
ग्राम-कासबहरा, ब्लाक-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से राम सिंह बता रहे हैं कि आये दिन हमें लोगों की कोई न कोई समस्या के बारे में यहां सुनने को मिलता है इसके लिए हम सरकार से मदद मांग रहे हैं पर इसका कारण हमारा आपस में एक न होना है और कोई भी सरकार बने हमारी समस्या दूर नही हो सकती. वे कह रहे हैं हमें नशा का त्याग कर अपने घर परिवार समाज में एक जुट होकर रहना चाहिए, इस तरह से हम स्वयं ही अपनी छोटी बड़ी परेशानियों को दूर कर सकते हैं जब हम सभी एक जुट रहेंगे तो सरकार भी हमारी सुनेगी और काम भी होगा इसलिए सांथी सभी को एक होने का सन्देश दे रहे है| राम सिंह@7772038985.
Posted on: Nov 16, 2017. Tags: RAM SINGH SONG VICTIMS REGISTER
उठो साथियों आज चले हम मुक्त कराने देश को...देशभक्ति कविता -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक देशभक्ति कविता सुना रहे है:
उठो साथियों आज चले हम मुक्त कराने देश को-
सदियों से गुलाम आज तक अपने प्यार देश को-
देखो बिगाड़ा टाटा कम्पनी-
देखो बिरला टाटा कहते रोज-रोज का घाटा-
अपने घर की भरे तिजौरी भेजे माल परदेश को-
उठो साथियों आज चले हम मुक्त कराने देश को...
Posted on: Nov 15, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
कांग्रेस से आई जनता से आई...लोक कविता -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक लोक कविता सुना रहे है:
कांग्रेस से आई जनता से आई-
लोकदल से आई भंडारा के बदली हो जाई-
समाजवाद बबुवा धीरे-धीरे आई-
रूबल से आई डॉलर से आई-
देशवा के नाने धराई हो-
समाजवाद बबुवा धीरे-धीरे आई...
