भारत है देवो की भूमि...कविता-
ग्राम-सराली, जिला-राजगढ़ (मध्यप्रदेश) से बनवारी लोधी एक कविता सुना रहे हैं:
भारत है देवो की भूमि-
जिसमे सबका सम्मान है-
कतरा बनकर जो भी आता-
उसके लिये भारत माता यमराज है-
देश कोई रक्षा माता करती-
सारे कष्ट हरती है...
Posted on: Mar 21, 2020. Tags: BANWARI LODHI MP POEM RAJGARH SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : मुंह के छाले का घरेलू उपचार-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल मुंह में होने वाले छाले का घरेलू उपचार बता रहे हैं, मुंह में छाले होने पर अमरुद के कोमल पत्तो पर कत्था मिलाकर पानी की तरह धीरे-धीरे चबायें जिससे छाले को ठीक करने में मदद मिल सकता है, ये प्रकृया दिन में 2 बार करें संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Mar 21, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
Adivasi Bultoo (Bluetooth) Radio in Gondi : 21st March 2020...
Today Sukhdai Marta And Ranjeet Mandavi are presenting Bultoo Radio Program in Gondi language, In this latest edition of Bultoo radio discussing issues from Telangana and Chhattisgarh. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.
Posted on: Mar 21, 2020. Tags: BULTOO RADIO RANJEET MANDAVI SUKHDAI MATRA
स्वास्थ्य स्वर : उदर विकार का घरेलू उपचार...
प्रयाग, विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी उदर विकार का घरेलू उपचार बता रहे हैं, अजवाईन 3 ग्राम और आधा ग्राम काला नमक दोनों को मिलाकर गर्म पानी के साथ दिन में दो बार खाना खाने बाद सेवन करने से गैस की समस्या में आराम मिल सकता है, मिर्च, मसाला, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें नशा न करें, मैदा, शक्कर, नमक का प्रयोग कम करें, नुस्खा उपयोग करने से पहले पूरी जानकारी लें: संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Mar 21, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
निर्मल जल कल कल, छल छल...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक स्वरचित कविता सुना रहे हैं:
निर्मल जल कल कल, छल छल-
बहती अविरल जल धारा-
रुकती नहीं थकती नहीं-
समुद्र उसे है सबसे प्यारा-
चट्टानों को तोड़ फोड़कर-
आगे बढ़ती निरंतर जाती...
