हमारे गाँव का नाम ताडवैली कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी ( गोंडी भाषा में )

सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम पंचायत-ताडवैली, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां मोहन यादव की मुलाक़ात गाँव के बुज़ुर्ग कन्ना राम वड्डे से हुई है जो उन्हें गोंडी भाषा में उनके ताडवैली गाँव के नाम की कहानी बता रहे हैं कि उनके गाँव का यह नाम कैसे पड़ा: वे बता रहे हैं ये गाँव राजा समय का गाव है परालकोट परगना में एक राजा रहते थे- राजा की मदद से यहाँ पर बड़ा सा तालाब बना जिसे गोंडी में तड़ाई
कहते हैं फिर उसके बाद इसलिए इस गाँव का नाम ताडवैली पड़ा- इसी प्रकार यहां के पेड़ पौधो- व्यक्ति या जानवर आदि पर गाँवों के नाम रखे गए हैं जिनके बारे में गाँव के बुज़ुर्ग ही जानते हैं

Posted on: Sep 01, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV STORY

जौहरी के बेटे के नकली हीरे के हार की कहानी-

एक जोहरी था जिसका निधन हो जाने पर उसके घर में बहुत बढ़ा संकट आ गया, घर में खाने तक की समस्या हो गई, जोहरी का एक लड़का था जिसे उसकी माँ ने एक हार देकर कहा जाओ चाचा जी से कुछ मांग लाओ, चाचा ने हार को देखा और कहा अभी बाजार तेज नही है, जब बाजार तेज होगा तब लाना, और लडके को कुछ पैसे देकर अपने दुकान में काम करने के लिए कहा, लडके ने उसकी बात मान ली, कुछ दिन बाद लड़का काम सीख गया. दूर-दूर से लोग अपने हीरे की परख कराने के लिए उसके पास आने लगे, तब उसके चाचा ने उसे हार लाने को कहा, लड़का जब हार को देखा तो उसे पता चला वह नकली है, चाचा के पूछने पर उसने बताया वह हार नकली है, चाचा ने कहा यदि यह बात मै पहले कहता तो तुम नही मानते और मुझे बुरा समझते...

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: GUPTA HINDI SONG SONU STORY VICTIMS REGISTER

भूख लगने पर जो भी खाने को मिले अच्छी लगती है...कहानी-

एक दस वर्ष का बच्चा बीमार पड़ा तो उसके पिता ने उसे चिकित्सालय में भर्ती कराया, तब वो फल के अलावा कुछ भी नही खाता था, एक दिन उसे गांव जाना पड़ा तो उसने पड़ोसी को फल और कुछ पैसे देकर बच्चे का देख-रेख करने को कहा और चला गया, पडोसी ने सोचा इसे दूसरा भोजन देंगे तो कैसे नही खाएगा और दाल चावल खाने में दिया, बच्चे ने नही खाया, शाम के समय उसने चिकित्सक से कहा बच्चा तो कुछ भी नही खा रहा, चिकित्सक ने कहा ठीक हो जाएगा, उसके बाद रात को बच्चे को भूख लगी, जिस पर पडोसी ने खाने को कुछ नही दिया, तो बच्चे ने वही दाल चावल खाया, फिर वह भूख लगने पर जो भी मिले खा लेता, इससे सीख मिलती है, भूख लगने पर जो भी खाने को मिले अच्छी लगती है |
कन्हैयालाल पडियारी@ 9522110855.

Posted on: Aug 19, 2018. Tags: CHHATTISGARH KANHIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

पूरी बात जाने बिना कोई काम नही करना चाहिए...कहानी-

एक धोबी था, उसके पास एक गधा था, जिसका नाम जगत सिंह था, धोबी गधे पर कपड़ा लादकर धोने तालाब ले जाया करता था, चार साल बाद गधा मर गया, जिस पर धोबी अपने बाल निकलवाकर रास्ते से गुजर रहा था, तभी दीवान ने धोबी से पूछा तुम अपने बाल क्यों निकलवा दिए हो, धोबी ने कहा जगत सिंह का स्वर्गवास हो गया है इसलिए | ऐसा सुनकर दीवान ने भी अपने बाल निकलवा दिए, उसके बाद दीवान राजा के पास पहुचा, दीवान को देखकर राजा ने भी वही सवाल पूछा, दीवान ने भी धोबी का दिया उत्तर दिया, जिस पर राजा भी अपने बाल निकलवा दिया, और रानी के पास पहुचे, रानी ने भी वही सवाल पूछा, राजा ने दीवान का उत्तर दोहराया तब रानी ने पूछा ये जगत सिंह कौन है राजा ने कहा ये तो मुझे पता नही| इस तरह हमें सीख मिलती है, बिना पूरा जानकारी के कोई काम नही करना चाहिए |

Posted on: Aug 14, 2018. Tags: MAHESH SAKET REWA MADHYA PRADESH SONG STORY VICTIMS REGISTER

हम जैसा व्यवहार करते है आगे हमें वैसा ही मिलता है...कहानी-

एक बार की बात है मोहन की मम्मी उसकी दादी माँ को मिट्टी के बर्तन में खाना दे रही थी, जिसे मोहन कई दिनो से देख रहा था, एक दिन उसने अपने दादी माँ से पूछा मेरी माँ आपको मिट्टी के बर्तन में खाना क्यों देती है, दादी ने जवाब दिया बेटा मै बूढी हो गई हूँ इसलिए, जिस पर बच्चे ने कहा, दादी माँ कल आप खाना हांथ में लेके छोड़ देना, फिर मै आपको डाटूंगा, आप बुरा मत मानना, अगले दिन दादी ऐसा ही करती है, जिस पर बच्चे ने दादी को डांटते हुए कहा आप मिट्टी के बर्तन को तोड़ दिए, अब मै बुढ़ापे में अपने मम्मी-पापा को खाना किसमे दूंगा, सारी बात बच्चे की माँ सुन रही थी, इससे सीख मिलती है हम जैसा व्यवहार करेंगे हमें भी वैसा ही व्यवहार मिलेगा|

Posted on: Aug 07, 2018. Tags: BALRAMPUR CHHATTISGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER VIJAY MARAVI

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