ये दुनिया हा एक दिन उजड़ जही का...कविता

ग्राम-तमनार,जिला-रायगढ़ ( छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं:
उजड़ जही का रे संगी उजड़ जही का-
ये दुनिया हा एक दिन उजड़ जही का-
उठ जही का रे संगी उठ जही का-
या गाँव गंवई हा एक दिन उठ जही का-
लुट जही का रे संगी लुट जही का-
जम्मो के खेत खार एक दिन लुट जही का...

Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

अब नही चलत हेछोटे ले टुटे गे मोर जंगार...गीत

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ ( छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक गीत सुना रहा है:
ना रे सुआ न न रे मैना-
कैसन करि बचाबो परान-
जम्मो कोती चकै-चके खेती खारी होगे-
अब नही चलत हेछोटे ले टुटे गे मोर जंगार-
मंगाई मरत हावे करत है खांव-खांव...

Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYA LAL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

पानी सब्बो पी-पी के तरिया हर अटागे...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हीयालाल पडियारी एक कविता सुना रहा है:
घाम अइसन घुप के आगी कस जुरथे-
लाल-लाल आँखी ले धुप हा घुरथे-
और ओकर कड़के ले बता काम हा ठनागे-
पानी सब्बो पी-पी के तरिया हर अटागे-
और नवा असन सूप असन पसीना हर झरथे-
चोटी के तवाल कसन भुइयां हर जरथे...

Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : गर्मी में लू से बचने का घरेलु उपचार

प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी गर्मी में लू से बचने का घरेलू उपचार बता रहे हैं| एक छोटी लाल प्याज़ अपने जेब में रखे, जो शरीर से टच रहना चाहिये| या छुआ रहना चहिये| घर से निकलने से पहले नाश्ता करे, और पानी ज्यादा से ज्यादा पिये | तरल पदार्तु का उपयोग करें, जैसे- मठा, छाछ, लस्सी, नीबू पानी, आम का पना अदि| दोपहर में आराम करें| प्यास लगने के पहले पानी का सेवन करें| धूप से बचे| चश्मा, कपड़ा, हेलमेट का प्रयोग करें| मिर्च मसाला, तेल खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग न करें| नशा न करें| मैदा, शक्कर, नमक का प्रयोग कम करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.

Posted on: May 21, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

तीन रंगो से रंगा है यहाँ की तीन जहाँ-कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
तीन रंगो से रंगा है यहाँ की तीन जहाँ,
तिरंगा के निचे टिका है यहाँ सभी का जान,
ना कोई सिख ईसाई न कोई हिन्दू मुस्लमान,
सभी एक होकर तीनो रंगो का करो सम्मान,
जात पात रंग भेध मिटा कर तिरंगा का करो गुणगान,
तीन रंगो से रंग है यहाँ की तीन जहाँ...

Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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