तोरे सुरता हा आथे मोला, जब दिहे अंगूठी मोला-

ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से संतलाल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
तोरे सुरता हा आथे मोला, जब दिहे अंगूठी मोला-
जिवरा धक-धक, लक-लक लागे ओ-
जब गरी मार पड़े तोला-
का जानो की को आ जाही, खूबय भाग जथो-
एक बोटल दारू के चक्कर मा ही तोला रोवाथो...

Posted on: Mar 24, 2019. Tags: ANUPPUR MP SANTLAL SONG VICTIMS REGISTER

मेरी मम्मी प्यारी मम्मी मुझको बहोत भाती है...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रही हैं:
मेरी मम्मी प्यारी मम्मी मुझको बहोत भाती है-
अपने आंचल के छांव में, लोरी सुनाकर सुलाती है-
अपने तन से दूध पान कराकर-
अपने आंचल से ढक लेती है-
गीले में खुद सोती पर सूखे में मुझे सुलाती है-
थोड़ा भी अस्वस्थ्य होने पर झट अस्पताल ले जाती है...

Posted on: Mar 24, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

नेताओं की गोद में खेल रहा, मेरा भारत महान...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
नेताओं की गोद में खेल रहा, मेरा भारत महान-
जनता मूर्ख जानकर भी कर रहा उनका दोष का सम्मान-
खून की होली खेल रहे, हो रहा कत्ले आम-
चीर हरण हो रहा यहां देखो यहां खुले आम-
देश की अमानत पूंजी लोग ले भाग रहे-
उद्योगपति बेईमान, सरकार सो रहा यहां बिस्तर तान...

Posted on: Mar 23, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

सर पर बोझ पड़ने पर ही जिम्मेदारी का पता चलता है...कहानी-

एक गांव था| गांव के मुखिया का नाम बंतराम था| उसके छोटे भाई का नाम सगिर्तन था| दोनों में गहरा प्रेम था| दोनों का परिवार एक साथ एक घर में रहते थे| दोनों भाई के दो लडके और एक लड़की थी| सब कुछ अच्छा चल रहा था| सभी का विवाह हो गया| लेकिन बच्चो का आपस में मेल नहीं था| जिसके कारण घर का बटवारा हो गया| सभी अलग-अलग रहने लगे| जिससे उनका समय एक ही काम को करने बर्बाद होने लगा| खर्च बढ़ गये| मुखिया और उसका भाई दोनों बूढ़े हो चुके थे| फिर भी काम करने जाते थे| और जवान बेटे कोई काम नहीं करते थे| समय बीता और एक दिन दोनों भाई का देहांत हो गया| अब बच्चो पर जिम्मेदारी आई | तब उनको पता चला घर चलाने के लिये कितना मेहनत करना पड़ता है|

Posted on: Mar 22, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

कलम कमाई खाते हैं नहीं लेते हैं घूंस...व्यंग रचना-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक व्यंग रचना सुना रहे हैं :
कलम कमाई खाते हैं नहीं लेते हैं घूंस-
पान गुटखा खाकर हंसते है मुच-मुच-
अरे पाप पुन्य कोन देखता है, अभी तो कुछ कर लेने दो-
बाद में कौन देखता है अभी तो भर लेने दो-
समय दो पल की महमा है, एक पल तो चैन से सो लेने दो...

Posted on: Mar 22, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SATIRE SONG VICTIMS REGISTER

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