रे रे रेला रे रेला रे रेला रे रे रेला या या या...गोंडी गीत-
ग्राम-मरकाबेडा, ग्राम पंचायत-हलमिमुजमेटा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से नीलावती वड्डे और रानों वड्डे गोंडी गीत सुना रही हैं :
रे रे रेला रे रेला रे रेला रे रे रेला या या या-
रे रे रेला रे रे रेला या या या छाय रे रे रेला-
या या या-
हेन्दाना करसाना नाटे घोटुल वायना-
हेन्दाना करसाना नाटे घोटुल वायना...
रेलान्ग करियाना नाना वायना नाटे ता
घोटुल ते |||
Posted on: May 17, 2018. Tags: NILAWATI WADDE
रे रेला रे रे लोयो रे रेला...गोंडी रेला गीत
ग्राम-चाचड़, पोस्ट-कोदापाखा, विकासखंड-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमेश दुग्गा के साथ कंचन वड्डे है जो एक गोंडी गीत सुना रही है:
रे रेला रे रे लोयो रे रेला-
रे रेला साय रे रेला रे लोयो रेला-
केन्जा निमा कोया गोंडी पाटा रो-
लिंगो न वारिले गोंडी पाटा रो-
पाटा ता गुरु लिंगो बाबा आन्दुल-
रे रेला रे रे लोयो रे रेला...
Posted on: Apr 11, 2018. Tags: KANCHAN WADDE GONDI SONG VICTIMS REGISTER
तेना नामुर नाना रे नाना नामुर ना...गोंडी नवाखाई गीत-
ग्राम मर्काबेड़ा, तहसील नारायणपुर, जिला नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से रामदाई वड्डे और उनके साथ उपस्थित दो ग्रामीण महिला गोंडी में गीत सुना रहीं है | इस गीत को नवाखाई कार्यक्रम के समय गाया जाता है:
तेना नामुर नाना रे नाना नामुर ना-
तेका डोडा पोंगल मेटा देट रा लेयो वेलीय-
आकींग नांगुर मेटा ते लेयान संग आकींग कोयला-
मेटा पोर्रो तरग सकी लाराग विचार किन्तूर-
लेयाह लेयोर मिले मांदुर लेयान विचार किन्दुर...
Posted on: Jun 01, 2017. Tags: RAMDAI WADDE
गोंड मुड़िया माडिया हल्बा रंग-रंग ना जाति...गोंडी गीत
ग्राम-मरकाबेड़ा, जिला-नारायणपुर, छत्तीसगढ़ से राधा वड्डे गोंडी भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं, आदिवासी समाज का यह परंपरागत गीत है और बिभिन्न अवसरों पर गाया जाता है:
गोंड-मुड़िया-माड़िया-हल्बा रंग-रंग ना जाति-
कुब हुबे मा तोर मावा आदिवासी-
साय रे ला रे ला रे रे ला साय रे ला रे ला रे रे ला-
परा अन्कल हुल्की अन्कल पुष पोलू अन्कल-
पूना लेयोर पूना लेयोर मिले मॉस इन्दकड़-
साय रे ला रे ला रे रे ला साय रे ला रे ला रे रे ला....
Posted on: Mar 24, 2016. Tags: MANGLADAI WADDE
रे रे लोयों रेला रे रे ला रेला रे रे ला लोयों रेला रे रे ला...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-धोबेदंड, तहसील-मोहला, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से दसो बाई गोंडी भाषा में एक गीत सुना रही हैं, इस गीत को विवाह के समय गाया जाता हैं :
रे रे लोयों रेला रे रे ला-
रेला रे रे ला लोयों रेला रे रे ला-
सो वायका इदेना पैसी कल्दुन पाहेरा,
लाहर दाई ओ कोदा कल्दे दाका ओरा-
सोओरा से मरमा इजोंरे-
लहर दाई ओ कोदा कल्दे दाका ओरा-
सोवैय केंदु पैसी कल्दुन पाहे रा-
लाहर दाई ओ कोदा कल्दे दाका ओरा-
सोवैय जाति अछ्ला पेकोर इजोंरे-
लाहर दाई ओ कोदा दाका ओरा-
सोवैय ओरा-बोरा मरमा इजोंरे-
लहर दाई ओ ओरा-बोरा मरमा इजोंरे...
