हमारा गाँव में पहुँच मार्ग नहीं है, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में दिक्कत होती है...
ग्राम-सरईमाल, ब्लाक-समनापुर, जिला-डिंडोरी (म.प्र.) से गाँव के साथी चमन सिंह, बता रहे है कि मानिकपुर से वनग्राम बिजा टोला तक रोड नहीं है जबकि रोड का सर्वे 4-5 साल पहले हो गया है, अगर गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना है तो समय पर नहीं पहुंच पाते है इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन नम्बरों में बात कर रोड बनवाने में मदद करें : कलेक्टर@8085452555, समनापुर C.E.O.@9981001500, सरपंच@7354908395, सचिव@9088861539, रोजगार सहायक@7694911492. संतोष अहिरवार@9285137689.
Posted on: Jan 28, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
बड़ा नेक लागे हमला गाँधी जी के बोली...देशभक्ति गीत -
संतोष कुमार अहिरवार ग्राम-सरईमाल, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से एक देशभक्ति गीत सुना रहे है:
बड़ा नेक लागे हमला गाँधी जी के बोली-
हाथ रे हथियार नाथू काबर मारे गोली गा-
सत्य अहिंसा परम पुजारी पेडला धूनी रमाये-
पोसे जवाहर और नेतन ला आपन टोली बनाये-
ये दुनिया माँ हल्ला होगे इंकलाब के बोली गा-
बड़ा नेक लागे हमला गाँधी जी के बोली...
Posted on: Jan 25, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
तुलसी इस संसार में मतलब का व्योहार...गीत -
संतोष कुमार अहिरवार डिंडोरी मध्यप्रदेश से नया साल के आगमन पर एक गीत सुना रहे हैं :
तुलसी इस संसार में मतलब का व्योहार – जब लगी पैसा सांथ में तब लगी ताको आय – औ पैसा रहो ना पास में तो मुख से नही बोले – गुड़ के ग्राहक सहज नर बिन गुड़ नर रहय ना कोय – जैसे कागा कोकिला शब्द सुने सब कोय...
Posted on: Jan 01, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
मरघट में राम का गति होही या तन के...गीत -
ग्राम-सरईमल, पोस्ट-चंद्रानी, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से जमुना बाई अहिरवार एक गीत सुना रही हैं :
मरघट में राम का गति होही या तन के – हरे हाड़ चले तोर बन कस लकड़ी – केस चले बन घासा को
सोने जैसी काया जल गए धुवा उदत है अगासा – मरघट में राम का गति होही या तन के...
Posted on: Dec 28, 2017. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
गरीबी के मारे मैं ददा के यहाँ गई थी...गीत -
ग्राम-सरईमाल, पोस्ट-चाँदवानी, जिला-डिन्डोरी (मध्यप्रदेश) से कपूरिया एक गीत सुना रही है:
दर्रे गरीबी गरीब मेरा यार-
गरीबी के मारे मैं ददा के यहाँ गई थी-
दाई ललकार दिया दर्रे गरीबी गरीब मेरा यार-
गरीबी के मारे मैं कका के यहाँ गई थी-
गरीबी के मारे मैं काकी के यहाँ गए थे-
काकी ललकार दिया दर्रे गरीबी गरीब मेरा यार...
