कसूर घूटे पराड येलो दुवार तूने नेराड़ा हो...गोंडी गीत

ग्राम-पिंडकसा, पंचायत-कुरेनार, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोंगरी, सोगीबाई, रतोबाई और पोलोबाई गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे हैं:
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लोयो रेलाय हो-
कसूर घूटे पराड येलो-
दुवार तूने नेराड़ा हो-
जाति बाती पेकोर हो-
जाति बाती पेकोर-
कसूर घूटे पराड येलो-
दुवार तूने नेराड़ा हो...

Posted on: Sep 06, 2018. Tags: CG GONDI KANKER MOGRI PAKHANJUR RATOBAI SOGIBAI SONG

हम लोगों ने चिड़िया जैसे उड़ते हेलीकॉप्टर को तो देखा है पर कभी ट्रेन नहीं देखा है (गोंडी भाषा में)...

आज के आधुनिक युग में कई यातायात के साधन है लेकिन मेकावाही गाँव की महिलाओं ने हेलीकाप्टर को उड़ते हुए तो देखा है लेकिन ट्रेन नहीं देखा है। मोहन यादव आज सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के साथ ग्राम-मेकावाही, पंचायत-शंकरनगर, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) पहुंचे हैं वहां की महिलाएं सीताबाई, हिन्दूबाई और पन्नोबाई गोंडी में उनको बता रही है कि वे लोग आज तक कभी ट्रेन नहीं देखे है न ही बैठे है कैसा रहता है वो भी उनको मालूम नहीं है वे लोग बस, कमांडर और ऑटो में सिर्फ बैठे है | आज के आधुनिक युग में कई यातायात के साधन है लेकिन मेकावाही गाँव की महिलाये बता रही है कि नजदीक से न तो हेलीकाप्टर को देखे है न ही ट्रेन को देखे है

Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG CHANNOBAI GONDI HINDUBAI KANKER KOELIBEDA SEETABAI

हम 14 घर के बैगा आदिवासी नदी में गड्ढा खोदकर गन्दा पानी लाकर पीते है, एक भी हैंडपंप नहीं है...

ग्राम-भैसाडबरा, पंचायत-डालामहुआ, विकासखण्ड-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से सुख सिंह बैगा मिथलेश मानिकपुरी को बता रहे है कि उनके मोहल्ले में 5 साल से पानी की बहुत समस्या है | उनके मोहल्ले में भी एक भी हैण्डपम्प नहीं है वे लोग नदी में झिरिया खोदकर गंदा पानी लाकर पीते है 14 घर का बस्ती है उसके लिए उन्होंने सचिव, सरपंच के पास आवेदन किये थे लेकिन आज तक कोई सुनवाई नही हुई | इसलिए साथी सीजीनेट के साथियों से मदद की मांग कर रहे है कि इन नम्बरों में बात कर एक हैण्डपम्प लगवाने में मदद करें: सरपंच@9893472740, P.H.E@9893883154. मिथलेश मानिकपुरी@8964973228

Posted on: Sep 02, 2018. Tags: CG CHHATTISGARH KABIRDHAM SONG SUKHSINGH BAIGA VICTIMS REGISTER WATER

वनांचल स्वर: खाद वाला धान खाकर लोग बीमार पड़ रहे, पहले ऐसा नहीं था: 90 वर्ष की गीलोबाई...

ग्राम-माड़ पखानजुर, पंचायत-उलिया, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ गाँव की 90 साल की बुज़ुर्ग महिला गीलो बाई हैं वे पने जीवन के बारें गोंडी भाषा में उनको बता रही हैं कि पहले ज़माने में शुद्ध खाना मिलता था, जंगल में बहुत सारी वनस्पतियां जैसे कन्दमूल, फल आदि भी मिलता था जो आज नहीं है | वे कह रही हैं कि पहले के समय में हम लोग कम बीमार पड़ते थे खुद मेहनत करके खाते थे और कोदो कुटकी की बहुत ज्यादा कमाई होती थी और कई किसानों के घरों में अनाज हुआ करता था पर अब खाद वाला धान मिलता है जिससे लोग बीमार पड़ रहे है और परेशान हैं | उस भोजन में स्वाद भी होता था अभी के भोजन में स्वाद भी अच्छा नहीं है...

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CHHATTISGARH GEELO BAI GONDI KANKER VANANCHAL SWARA

ओरा बोरा गाड़ी मरमा रोय...गोंडी गीत

ग्राम-सालेभट्ट, पंचायत-तडोकी, तहसील-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सेयको बाई, जगनी और पार्वती एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
रे रे लोयो रेला रे रे रेला-
ओरा बोरा गाड़ी मरमा रोय-
दुबे वर्किंग निया जिया रोय-
रेलों डोरी नावा करना रे-
आदे बाती दाई लेयोर रोय-
दुबे वर्किंग निया जिया रोय-
रेखा निया डोरी करना री-
जाति धरो दाई लेया रोय...

Posted on: Aug 22, 2018. Tags: CHHATTISGARH GONDI SONG JAGNI KANKER PARWATI SEYAKO BAI

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