कलम कमाई खाते हैं नहीं लेते हैं घूंस...व्यंग रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक व्यंग रचना सुना रहे हैं :
कलम कमाई खाते हैं नहीं लेते हैं घूंस-
पान गुटखा खाकर हंसते है मुच-मुच-
अरे पाप पुन्य कोन देखता है, अभी तो कुछ कर लेने दो-
बाद में कौन देखता है अभी तो भर लेने दो-
समय दो पल की महमा है, एक पल तो चैन से सो लेने दो...
Posted on: Mar 22, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SATIRE SONG VICTIMS REGISTER
महुवारी मा जातेन महुआ बिनेला महुवारी मा...गीत-
ग्राम-कोटया, थाना-प्रतापपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं:
महुवारी मा जातेन महुआ बिनेला महुवारी मा-
कोन हर बीने एक मोरा दुई मोरा-
कोन हर बीने मोरा चार माहवारी मा-
नौरा हर बीने एक मोरा दुई मोरा-
नौरी हर बीने मोरा चार माहवारी मा-
महुवारी मा जातेन महुआ बिनेला महुवारी मा...
Posted on: Mar 22, 2019. Tags: CG MEVALAL DEVANGAN SONG SURGUJA VICTIMS REGISTER
श्याम छेड़ो न बीच डगरिया में, तेरी मुरली ने जादू डाला...गीत-
सीजीनेट के सांथी त्रिलोकी सिदार एक गीत सुना रहे हैं :
श्याम छेड़ो न बीच डगरिया में-
तेरी मुरली ने जादू डाला-
श्याम भूख लगे तो हमसे कहियो-
खाना खिला दो थलिया में-
श्याम छेड़ो न बीच डगरिया में-
तेरी मुरली ने जादू डाला...
Posted on: Mar 22, 2019. Tags: SONG TRILOKI SIDAR VICTIMS REGISTER
व्यक्ति के व्योहार से ही उसकी पहचान होती है...कहानी-
गर्मी का दिन था| एक गरीब किसान रामू बिना जूते पहने और बिना पानी साथ रखे जरुरी काम के लिये घर से निकल पड़ा| रास्ता बड़ा दूर था| पेड़ का छाव तक नही था| समय के साथ धूप तेज हुई और धरती गर्म हो गई| रामू दौड़ाने लगा और थक गया| रास्ते में एक बबूल का पेड़ मिला| जिसके नीचे वह आराम किया और फिर से चलने लगा|शाम तक रामू पहुंच गया| वहां पहुचने पर उसके मामा बहुत खुश हुए| लेकिन मामी खुश नही हुई| उसके बाद उसकी मामी ने महमानों के लिये बिना मन का खाना बनाया| जो रामू को अच्छा नहीं लगा और वह दूसरे दिन चला गया| ये सब रामू के मामा को अच्छा नहीं लगा| उसने अपनी पत्नी को कहा तुमने ठीक नहीं किया| घर पहुंचकर रामू ने अपनी माँ को उस व्योहार के बारे में बताया| माँ बोली इसीलिए मै जाने से मना कर रही थी| इससे सीख मिलती है हमारे व्योहार से ही हमारी पहचान होती है| इसलिये सोच समझ कर काम करना चाहिए|
Posted on: Mar 22, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
येदे होरी रे हाय गा मै तो होली खेले...होली गीत-
ग्राम-बरपटिया, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से धनसाय मरावी अपने साथी हीरा के सांथ एक होली गीत सुना रहे हैं :
येदे होरी रे हाय गा मै तो होली खेले-
आजा रे पिरिया तोरे मंगनी-
घुमे तो काहे रोंजोदीना आबे रे-
कोना पंद्रह दीन, कोन कहे छव महीना में-
हाय गा कोन कहे, झनी आय...
