तेरे लहू पे मुझे धोले तू प्रभू...गीत-
ग्राम-इंजरम, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से स्वयं भद्रा एक गीत सुना रहे हैं:
तेरे लहू पे मुझे धोले तू प्रभू-
पूरी तासे अभी-
तेरे सामान होने के लिये-
मेरे जीवन में काम कर तू प्रभू-
दलदल की कीचड़ से मुझे उभारा-
चट्टान पर खड़ा कर दिया तेरे लिये-
दलदल की कीचड़ से मुझे उभारा...
Posted on: Jan 28, 2020. Tags: CG SONG SUKAMA SWAYAM BHADRA VICTIMS REGISTER
भूमि पट्टा के लिये आवेदन करते हैं लेकिन आज तक पट्टा नहीं मिला...
ग्राम-इरवेंडी कोत्तानार, पंचायत-इरवेंडी, तहसील-बूर्गमपाड, जिला-भद्राद्री कोत्तगूडम (तेलंगाना) से कोरम रमेश बता रहे हैं कि वे लोग छत्तीसगढ से आये हैं और वहां 15 साल से रह रहे हैं 20 परिवार निवास कर रह रहे हैं आज तक उन्हें भूमि पट्टा नहीं मिला है जिससे कई प्रकार की परेशानी होती है इस समस्या के लिये कलेक्टर, PO के पास आवेदन करते हैं फिर भी कोई सुनवाई नहीं होती है इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से निवेदन कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर समस्या को हल कराने में मदद करें : PO@9490957735. संपर्क नंबर@7901418312.
Posted on: Jan 28, 2020. Tags: PODIYAM NARENDRA PROBLEM TELANGANA
तमनार क्षेत्र का तीसरा पंचायत चुनाव...
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता अपने क्षेत्र में होने वाले पंचायत चुनाव के बारे में बता रे हैं, ये पंचायत चुनाव उनके इलाके का तीसरा चुनाव है, यह चुनाव 28 जनवरी को होने वाला है, उनके इलाके 5 प्रत्यासी चुनाव के लिये खड़े है बरभाटा मोहल्ले से श्यामा बंसी, बाजार पारा से गुलाबी बाई, शिवलाल से लीलावती हरेराम, लक्ष्मी सिदार नटवर दुबेपारा और शांति प्रजा है, सभी अपने चुनाव प्रचार धन बल और तन बल से लगे हैं : राजेंद्र गुप्ता@9993891275.
Posted on: Jan 27, 2020. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
जमा वोल्ले वोड़े का नानो...गोंडी गीत-
ग्राम-पेदाकुर्ती, पंचायत-मनिकोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से कवासी बीमे एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
जमा वोल्ले वोड़े का नानो-
नना पाटा पुन्नो न नानो-
उर्रो नंजो पारो न नानो-
यर्रो नंजो पारो न नानो-
दादा वल्ले वेड़ो न नानो...
Posted on: Jan 27, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO SONG SUKAMA
गूंजे गूंजे गूंजे कोयलों की कूके...गीत-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेंद्र गंधर्व एक प्रेरणा गीत सुना रहे हैं :
गूंजे गूंजे गूंजे कोयलों की कूके-
न गूंजे न गूंजे बम और बंदूके-
जीवन के बस तीन निशान रोटी कपड़ा मकान-
कोई न इनसे वंचित हों पुरे हों इनके अरमान-
खेतो में फसले हों कभी न हो वो सूखे-
यही हमारा सपना है यही हमारी अभिलाषा-
ढाई अक्षर प्रेम के हों बोले चाहे कोई भी भाषा...
