स्वास्थ्य स्वर : गर्मी के दिनों में कुछ बातों का ध्यान रखने से बीमार होने से बच सकते हैं-

सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी बता रहे है| गर्मी के दिनों में सूर्य की किरणे पृथ्वी के निकट भ्रमण करती है| जिससे भूमि अत्यंत गर्म हो जाती है| जिससे जलासय, पेड़ पौधे सभी सूखने लगते हैं| इसलिये ग्रीष्म ऋतु में तरल पदार्थो का सेवन करना चाहिये| इससे शरीर में होने वाली पानी की कमी दूर होती है| खाने में ताजा संतुलित भोजन और हरी सब्जी, सलाद का उपयोग करना चाहिये| दलों में छिलका युक्त मूंग की दाल और मसूर की दाल का सेवन करना चाहिये| फलो में मीठे अंगूर, संतरे, आम का प्रयोग करना चाहिए| हर एक घंटे में ठण्डा पानी पीना चाहिये| धूप से आने के बाद पसीना सूखने पर पानी पीना चाहिये| क्षमता से ज्यादा मेहनत नहीं करना चाहिए | रमाकांत सोनी@9589906028.

Posted on: May 02, 2019. Tags: CG HEALTH MUNGELI RAMAKANT SONI SONG VICTIMS REGISTER

यहां गणतंत्र का है बोल बाला...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
यहां गणतंत्र का है बोल बाला-
गण तो रह गया, तंत्र का हो गया निवाला-
तंत्र को ले भाग गये कालू काला-
नेताओं का कर दिये हवाला-
गण भटकता रहा तंत्र के लिये...

Posted on: May 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

कहां सुमीर मईया, कहां सुमीर दाई...देवी गीत-

ग्राम-जनकपुर, ब्लाक-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से गजेंद्र प्रसाद एक देवी गीत सुना रहे हैं :
कहां सुमीर मईया, कहां सुमीर दाई-
कहां सुमीर सरस्वती हे माई-
धरती सुमीर मईया, सगरे सुमीर दाई-
हे मईया कहां सुमीर सरस्वती हे दाई...

Posted on: May 02, 2019. Tags: BALRAMPUR CG GAJENDRA PRASAD SONG VICTIMS REGISTER

बबूल का घर छोड़ चली, उसे बड़े लगन से सवारी थी...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
बबूल का घर छोड़ चली-
उसे बड़े लगन से सवारी थी-
ओ गली को भूल चली, जहा पायल छनकाती थी-
दोष नहीं यह उसकी विधि का विधान है-
यह समय होती हर लड़की की...

Posted on: May 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

सुरमई के लेथे परनाम हो माई...गीत-

कठरा डोंगरी, पोस्ट-गोविंदपुर, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह मरावी एक भजन सुना रहे हैं :
कहां लगाहूँ माता, कहां बताहूँ दाई-
सुरमई के लेथे परनाम हो माई-
कहां लगाहूँ माता, कहां बताहूँ दाई-
सुरमई के लेथे परनाम हो माई...

Posted on: May 02, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH MARAVI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

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