किन्नर समाज में विवाह होने से अब वे भी समाज में एक सामान्य जीवन जी सकेंगे...
पुजारी पार्क, रायपुर (छत्तीसगढ़) में आज 30 मार्च 2019 को किन्नर समाज की शादी हो रही है | शादी में 15 जोड़े आये हैं| जो अलग-अलग जगह से हैं| शादी में शामिल हुए अजय बैरागी जो शादी में दुल्हे हैं| बता रहे हैं| वे अपने सांथी के सांथ पहले से लिविंग रिलेशन में रहते थे| उन्होंने एक बच्चा गोद लिया है| परिवार की तरह रहते हैं| अब इसके लिये सरकार और कोर्ट से मान्यता मिल गई| जिससे वे शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं| इससे अब उन्हें भी समाज में एक स्थान मिलेगा| यह समाज में बदलाव की दिशा में एक अच्छा कदम है| इससे लोगो में किन्नर समाज के प्रति जो हीन भावना है वो ख़त्म होगी और वे भी दूसरे लोगो की तरह एक सामान्य जीवन जी सकेंगे|
Posted on: Mar 30, 2019. Tags: BHAN SAHU CG NEWS RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
मनुष्य को कठिन परिस्थिति में अपना स्वभाव नहीं बदलना चाहिये...कहानी-
एक साधू नदी में स्नान करने आये| उन्होंने देखा कि एक बिच्छू पानी के सतह में तैर रहा है| साधू ने उसे बार-बार उठाने की कोशिश किया| लेकिन बिच्छू गिर जा रहा था| आखिरकार वे सफल हुए और उसे उठाकर बाहर रख दिया| ये सब देखकर लोगो ने पूछा बिच्छू ने आपको काटा और आपने उसे उठाकर बहार रख दिया| उस पर साधू ने जवाब दिया, जब बिच्छू एक कीट होकर अपना स्वभाव नही बदलता है, तो हम मनुष्य होकर कैसे अपना स्वभाव बदल सकते हैं| ये सुनकर सभी बहुत प्रभावित हुए| इस कहानी से सीख मिलती है| मनुष्य को कठिन परिस्थिति में अपना स्वभाव नहीं बदलना चाहिये|
Posted on: Mar 30, 2019. Tags: AZAMGARH SONG SONU GUPTA UP VICTIMS REGISTER
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित सीखो शीश झुकाना-
सीख हवा के झोंकों से लो कोमल भाव बहाना-
दूध तथा पानी से सीखो मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो जगना और जगाना-
लता और पेड़ों से सीखो सबको गले लगाना-
मछली से सीखो स्वदेश के लिए तड़पकर मरना...
Posted on: Mar 30, 2019. Tags: CG KAILASH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
जल से पतला कौन है, कौन भूमि से भारी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
जल से पतला कौन है, कौन भूमि से भारी-
कौन अगन से तेज है, कौन काजल से काली-
जल से पतला ज्ञान है, पाप भूमि से भारी-
क्रोध अगन से तेज है, कलंक काजल से काली-
मन भज ले श्री राधे गोविंदा...
Posted on: Mar 30, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGADH SONG VICTIMS REGISTER
काखर गांव दाई काखर बजाओं माता...देवी गीत-
ग्राम-देवरी, थाना-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक देवी भजन सुना रहे हैं :
काखर गांव दाई काखर बजाओं माता-
ऐ दाई काखर लेहों परनाम हो माई-
काखर गांव दाई काखर बजाओं माता-
ऐ दाई काखर लेहों परनाम हो माई...
