रांजी करोला है मावा देश ते रांजी करोला...गोंडी विवाह गीत

ग्राम आलमपुर पोस्ट पाथाखेड़ा तहसील चिचोली जिला बैतूल से मोहन यादव जी एक गोंडी गीत गा रहा है और यह गीत शादियों के समय में कोया गोंड जनजाति समाज के लोग गाते है
रांजी करोला है मावा देश ते रांजी करोला
बिछिया ते दाग मणि अरि सिमा ओ
अणि कंगना ते दाग मणि अरे सिमा ओ
अणि पायल ते दाग मणि अरि सिमा ओ
रांजी करोला है मावा देश ते रांजी करोला।

Posted on: Mar 25, 2014. Tags: Gondi Mohan Yadav

कोड़ा कोला थे हे हे हे हे हे हे...गोंडी विवाह गीत

गाँव चिंतुर जिला खम्मम आंध्र प्रदेश से तुरर्म सत्यनारायन जी ने यह एक गोंडी गीत गाया है आदिवासियो के शादियों के समय में इस गीत को गाया जाता है
कोड़ा कोला थे हे हे हे हे हे हे
कोयती अतके मीर कुर्रतीये माले मोगा
मिर्रू कुर्द केज अम्मा मिर्रू नीमा कुर्र्द केज
अम्मा रेला रे रे रे रे ला अ अ अ अ

Posted on: Mar 21, 2014. Tags: Gondi Turram Satyanarayana

नाखून निसि प्यार आता नावा दिल भी निवा परो पड़ा फिदा अयुन...गोंडी प्रेमगीत

ग्राम पोस्ट धावड़ी तहसील खालवा जिला खण्डवा (म. प्र.) से मायाराम उइके एक गोंडी गीत गा रहा है जब पत्नी मायके चली जाती है तो उसकी याद में यह गीत गाया जाता है
नाखून निसि प्यार आता नावा दिल भी निवा परो पड़ा फिदा अयुन
याद निवा वाता दिल तड़पे माता याद निवा वाता दिल तड़पे माता।
उन्दी बार इमा दिल खर्च किसिम उन्दी बार इमा दिल खर्च किसिम
नाख़ून निसि प्यार आता नावा दिल भी निवा परो पड़ा फिदा अयून।
निवा प्यार ते रानी नवा दिल भी लागता नवा दिल भी लागता

Posted on: Mar 05, 2014. Tags: Gondi Mayaram Uike

बोर कि अमरैयाम या अमरैयाम या आमा लगत है...गोंडी होली गीत

ग्राम आलमपुर जिला बैतूल मध्यप्रदेश से अनीता यादव जी ने एक गोंडी गीत गा रही है यह गीत होली के समय में गाया जाता है:
बोर कि अमरैयाम या अमरैयाम या आमा लगत है
आ या अमरैयाम आमा लगत है
आमा मत गायो सजन मोर डोर के अमरैयाम डोर के आमा लगत है
या अमरैयाम केला लगत है या अमरैयाम केला लगत है केला तोड़न
मती गायो सजन मोर डोर के अमरैयाम डोर के सजन मोर डोर के
या अमरैयाम संतरा लगता है या अमरैयाम संतरा लगता है संतरा
तोड़न मती मोर डोर कि अमरिया या
या अमरैया अंगूर लगत है या अमरैयाम अंगूर लगत है अंगूर
तोड़न मती मोर डोर कि अमरिया या

Posted on: Mar 04, 2014. Tags: Anita Betul Gondi

चल दाले रंटेय भोपाल हो साथी उडिले सीजीनेट ऑफिस...गोंडी गीत

ग्राम पाठई पोस्ट कौड़िया तहसील पांढुर्ना जिला छिन्दवाड़ा (मप्र) से बस्तीराम नागवंशी जी एक गोंडी गीत गा रहे हैं इस गीत के माध्यम से वे बता रहे है कि सीजीनेट स्वर में किस तरह से समस्याओ को हल किया जाता है:
चल दाले रंटेय भोपाल हो साथी उडिले सीजी नेट ऑफिस
सीजी नेट ऑफिस हो सीजी नेट ऑफिस
सीजी नेट ऑफिस समस्या हल हो उडिले दाले भोपाल
सीजी नेट ऑफिस ते समस्या ता हल हो समस्या हल
सब देना समस्या हल आयल हो साथी उडिले भोपाल ऑफिस
सीजी नेट ता माध्यम हर काम आयल हो हर काम आयल
सीजी नेट ता माध्यम तल हर काम आयल हो साथी हर काम आयल
अणि अपुना भी सब काम आयल हो साथी उडिले भोपाल ऑफिस

Posted on: Mar 04, 2014. Tags: Bastiram Nagvanshi Gondi

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