रिश्तो के सारे मंजर चुपचाप देखता हूँ...गीत-

चिरमिरी, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से अक्षय कुमार सूर एक गीत सुना रहे हैं :
रिश्तो के सारे मंजर चुपचाप देखता हूँ-
हांथो में सब के खंजर चुपचाप देखता हूँ-
जिसमे पला है मेरे बचपन का लमहा लमहा-
उजड़ा हुआ सबो घर चुपचाप देखता हूँ-
हांथो में सब के खंजर चुपचाप देखता हूँ-
रिश्तो के सारे मंजर चुपचाप देखता हूँ...

Posted on: Aug 07, 2019. Tags: AKSHAY KUMAR SUR CG KORIYA SONG VICTIMS REGISTER

आपन देशवा के लोगवा के जगावे के परी...जागरूकता गीत-

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं:
जगावे के परी ओ जगावे के परी-
आपन देशवा के लोगवा के जगावे के परी-
बगावे के परी ओ बगावे के परी-
आपन देशवा से शराब के बगावे के परी-
भईया हो मत उदास करा जिंदगी के आश-
आपन रोगवा के जांच करावे के परी...

Posted on: Aug 06, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

होली पर्व का एक किस्सा...

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार बता रहे है कि अकबर हुमायु, जहाँगीर, शाहजहाँ, बहादुर शाह, जफर होली आने के पहले से ही रंग उत्सव की तैयारी शुरू कर देते थे | अकबर के महल में सोने और चंडी के बड़े-बड़े बर्तन में केवे और केसर युक्त रंग घोला जाता था| राजा अपनी बेगम और सुन्दरियों के साथ होली खेलते थे| शाम को महल में ठंडाई और मिठाई पानी इलाइची से मेहमानों का सिखबाल होता था | मुसायरे, कव्वालियो नृत्य गानों की महफ़िल जमती थी| इतिहास में जिक्र है कि जहाँगीर के समय में भी महफ़िल एक होली का भी भव्य कार्यक्रम होता था| साधारण नागरिक भी बादशाह पर रंग डालते थे शाहजहाँ तो होली को ईद गुलाबी के रूप मनाये करते थे|

Posted on: Aug 05, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG STORY SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

रही रही मदन सतावे ना...गीत-

ग्राम-साहपुर, पोस्ट-त्योथर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से विनीत कुमार यादव नागपंचमी के अवसर पर एक गीत सुना रहे हैं :
सावन मास नींद नहीं आवे-
रही रही मदन सतावे ना-
जब-जब कारी गिरे बदरिया-
सिहरे ना जुक बदन सवारिया-
मनवा मोर बड़ा भरमावे-
रही रही मदन सतावे ना...

Posted on: Aug 05, 2019. Tags: MP REWA SONG VICTIMS REGISTER VINIT KUMAR

कहिया के दुश्मन तोरा बनी रे पपिहरा ...गीत

ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार महेश ठाकुर चकोर की रचना सुना रहे हैं :
कहिया के दुश्मन तोरा बनी रे पपिहरा-
पिऊ पिऊ रति तोरा पवा तारा जियरा – पिया परदेश बेसे भजी नाह पतिया – चिरहा कपनवा से घवा हील कतिया – घऊवा के बोगी बोगी करता रे गहरा
कहिया के दुख मा तोरा पानी रे पपिहरा...

Posted on: Aug 04, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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