भगवान उपहार से नहीं सच्ची श्रद्धा से खुस होते हैं...कहानी-

एक गरीब व्यक्ति था वह एक बार दर्शन के लिये रात के समय मंदिर गया और पुजारी से कहा मै भगवान से मिलना चाहता हूँ, पुजारी बोले बहुत रात है सुबह आना, तब वह बोला नहीं मुझे अभी भगवान से अकेले में मिलना है| वह व्यक्ति ज़िद पर अड़ा हुआ था तो पुजारी ने पूछा कुछ भेंट लाये हो तो उसने कहा नहीं लाया हूँ, मैं गरीब हूँ क्या भेंट दे सकता हूँ, वह विचार करने लगा क्या भेट दिया जाये, तब उसने सोच संसार में सबसे बड़ा भेंट तो ज्ञान है जो महाभारत ग्रन्थ से मिलता है इसलिये वह महाभारत ग्रंथ लाया, लेकिन उससे बात नहीं बनी, फिर पुजारी उसे कुछ और लाने के लिये कहा तब दूसरे दिन तलवार लेकर आया और बोला यह सबसे बहादुर व्यक्ति की तलवार है, उससे भी बात नहीं बनी और उसे कुछ और लाने के लिये कहा गया फिर तीसरे दिन वह सबसे बड़े राजा का मुकुट लेकर आया लेकिन उससे भी बात नहीं बनी और उसे कुछ और लाने को कहा गया| फिर वह परेशान होकर सोचने लगा क्या लाया जाय, तब वह अगले दिन आते समय एक ऐसे व्यक्ति को देखा जो विकलांग है भूखा है असहाय है, जब वह मंदिर पंहुचा तो पुजारी से बोला आज मै कुछ नहीं लाया कुछ मांगने आया है, पुजारी बोले क्या ? गरीब व्यक्ति उस अपाहिज, असहाय, भूखे व्यक्ति के बारे में बताया और उसके लिये कुछ माँगा यह देखकर मूर्ति आँखों में आंसू आ गये कहानी का सरांस यह है कि भगवान उपहार नहीं सच्ची श्रद्धा से खुस होते हैं...

Posted on: Feb 04, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

क्या मिलता है जी शराब से...गीत-

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
मुनिया ने पूछा अपने बाप से, क्या मिलता है जी शराब से-
जितना कमाते हो रोज तुम, कर देते हो इसमें रोज ग़ुम-
भरते हो घर को संताप से, क्या मिलता है जी शराब से-
खाने के लाले पड़े हैं, कई कर्ज वाले खड़े हैं-
दूर किया मुझको किताब से, क्या मिलता है जी शराब से-
माँ की आँखों में है पानी, अर्थहीन है ज़िन्दगानी-
सवाल कभी किया कभी आपसे, क्या मिलता है जी शराब से...

Posted on: Feb 03, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

दूध पियो दारु के बदले, फिर होंगे नहीं जीवन में मसले...कविता-

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
दूध पियो दारु के बदले-
फिर होंगे नहीं जीवन में मसले-
गाजर-मटर निसदिन खाओ-
इष्ट-पुष्ट तुम बदन बनाओ-
नशा नाश का जड़ है, जो इस से अलग होकर जिये-
उसके लिये ईश्वर है-
अपने दिल को बनाओ सदा सुख का केंद्र-
सन्देश याद रखना गंधर्व वीरेंद्र...

Posted on: Feb 03, 2020. Tags: CG POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ाते जायेंगे...कविता-

ग्राम-चांदागाँव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से आनंद पोटाई, कार्तिक पोटाई, सोमनाथ पोटाई एक कविता सुना रहे हैं :
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ाते जायेंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हर दिन पढ़ने जायेंगे-
छोटे-छोटे हाथ हमारे गड्ढे खूब बनायेंगे-
ईन गड्डो में अच्छे सुंदर पौधे खूब लगायेंगे-
कारागार को साफ रखेंगे गलिया साफ बनायेंगे-
कैसे हमें जीना चाहिये जीकर हम दिखलायेंगे...

Posted on: Feb 02, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO NARAYANPUR POEM SONG VICTIMS REGISTER

जो काम निकालने के लिये झूठी प्रसंसा करते हैं ऐसे लोगो से बचना चाहिये...कहानी-

एक मुर्गा था वह कूड़े दान में बैठा खाने के लिये कीड़े की तलास कर रहा था, एक शियर आया जंगल से जो मुर्गा को खाना चाहता था, उसने सोचा मै मुर्गा को पकडूँगा तो वह भाग जायेगा तो उसने चतुराई से काम करने की सोची और उसके पास जाकर उसकी तारीफ करने लगा, वह बोला तुम्हारे पिता तो बहुत बड़े गायक थे, उनके गीत बड़े बड़े राजा महाराजा और देवता सुनते थे, तुम ये क्या खा रहे हो, एसा सुनकर मुर्गा खुश हो गया, तब शियर ने कहा तुम गायक के बेटे हो तो तुम्हे भी गाना आता होगा| एसा सुनकर मुर्गा खुश होकर अपनी बेसुरी आवाज में चिल्लाने लगा तब उसे शियर ने पकड़ लिया और ले जाने लगा तब मुर्गा वाली को पता चला तो वह आई और मुर्गा शियर से छूट गया जिससे मुर्गा हँसने लगा और लड़की मुर्गा को लेकर चली गयी|

Posted on: Feb 01, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHRAV

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