हमारे यहाँ गोंड आदिवासी आजकल नागदेव की पारंपरिक नवेद पूजा कर रहे (गोंडी भाषा में)
ग्राम-धावडी, जिला-बैतूल (मध्यप्रदेश) से दशरत इरपाचे के साथ संतोष है जो बता रहे है कि उनके आदिवासी समाज में इन दिनों नवेद पूजा की जा रही है यह पूजा नागदेव के नाम पर किया जा रहा है| इसमें क्षेत्र के बहुत लोग शामिल हुए है और यह पूजा पाट ढोल बाजे और नाच के साथ किया जा रहा है जिसकी आवाज़ पीछे से सुनाई दे रही है और इसमें बकरे की बलि दी जाती है, नागदेव की मूर्ती भी स्थापित है और दूर दूर के गाँव से आए अतिथियों को कार्यक्रम के अंत में खाना खिलाया जाता है | इस तरह की परम्परा हमारे क्षेत्र में बहुत दिनों से चल रही है| ऐसा वे गोंडी भाषा में बता रहे है. दशरथ इरपाचे@8120217335.
Posted on: Apr 26, 2018. Tags: DASHRATH IRPACHE GONDI
हाली-हाली ते हाली डुंडले हाली...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-धावडी, जिला-बैतूल (मध्यप्रदेश) से सोनू इवने एक गोंडी भाषा में विवाह गीत सुना रहे है:
हाली-हाली ते हाली डुंडले हाली-
ढाका ता झेला समेले मायो-
बाली ते बाली कोवदा बाली-
कोवदा बाली झलेके मायो-
लाल दिकड़ी पोंड्सी दा सांगो-
ढाका ता झेला समेले मायो...
Posted on: Apr 26, 2018. Tags: SONU EVNE GONDI
Scholarships for students and youth in Gondi : 25th April 2018 -
छात्रवृत्ति राष्ट्रीय :
नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन, टैगलाइन/स्लोगन क्रिएशन कॉम्पिटीशन 2018-
छात्रवृत्ति अंतर्राष्ट्रीय :
एजुकेशन मलेशिया स्कॉलरशिप 2018-
Posted on: Apr 25, 2018. Tags: GONDI SUMANLATA ACHALA GONDI
केयोम-केयोम केईता ओकेय डंगूड मेटा ते...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-पचपल्ली, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम अटाला के साथ में कुछ साथी है जो एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे है:
केयोम केयोम केईता-
ओकेय डंगूड मेटा ते-
गलियों नेंदिता...
Posted on: Apr 25, 2018. Tags: SONG UTTAM ATALA GONDI VICTIMS REGISTER
गोंड समाज में लडकी के घर बारात जाने की प्रथा फिर शुरू करना चाहते हैं (गोंडी भाषा में)...
जिला-बैतूल (मध्यप्रदेश) से दशरत इरपाचे बता रहे है कि पहले हमारे आदिवासी समाज में लड़के के घर में लड़की की बारात जाती थी | लेकिन अब हमारे तरफ भी लड़की के घर लड़के को बारात लेकर आना पड़ता है और लड़की के घर से शादी होती है| लोग फिर से सोच रहे है कि फिर से पुरानी परम्परा शुरू हो और बारात लड़की के घर पर जाए और वहीँ पर शादी हो| अभी हम लोग फिर से उस परम्परा को शुरू कर रहे है हिडनी गाँव से लड़की को सजाकर भगत लाएगा और लड़के को भी वहीं पर लाया जायेगा और सामूहिक तौर से शादी किया जायेगा| अभी तक 5-6 जोड़े तैयार हुए है बड़ेदेव मंदिर में पर सामूहिक शादी किया जायेगा|

