छत्तीसगढ़ आदिवासी बहूल राज्य है तो सभी आदिवासी क्यों नहीं...
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेन्द्र गुप्ता संदेश दे रहे हैं कि जब हमारा राज्य आदिवासी बहूल है तो छत्तीसगढ़ में रहने वाले सभी आदिवासी क्यों नहीं, ये हमारे साथ पक्षपात है, सभी को अलग अलग बाटकर रखा गया है, जनरल, ओबीसी, एसी, एसटी, हरिजन, इससे ये समझ आता है कि देश वासियों के साथ सौतेला व्योहार हो रहा है, उनकी सरकार से ये अपील है एसा कानून बने जिसमे सभी को एक सा न्याय मिला कोई भेद भाव न हो, जिससे राष्ट्र का विकास हो|
Posted on: Mar 02, 2020. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
हांथी राजा बहुत बड़े...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से देवांस गुप्ता एक कविता सुना रहे हैं:
हांथी राजा बहुत बड़े-
सूंढ़ उठाकर कहां चले-
मेरे गहर भी आओ न-
हलुवा पूरी खाओ न-
आओ बैठो कुर्सी पर-
कुर्सी बोली चल-चल...
Posted on: Feb 29, 2020. Tags: CG POEM RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
ए गा गा गा गायें चडवे लावें...गीत-
ग्राम पंचायत-बांदिव, तहसील-पुष्पराजगढ़, थाना-अमरकंटक, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से अशोक प्रसाद गीत सुना रहे हैं:
ए गा गा गा गायें चडवे लावें-
तो गावायें पजाये-
चोरो तोमावी गिवे के रोगी रे-
बैठे की आधी रात-
ए गा गा गा गायें चडवे लावें...
Posted on: Feb 29, 2020. Tags: ANUPPUR ASHOK BANDHAV MP SONG VICTIMS REGISTER
Impact : राशन नहीं मिल रहा था अब समस्या हल हो गयी है...
ग्राम-नौडीहा, ब्लाक-चोपन, जिला-सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) से राजेश कुमार बता रहे हैं,
उनका राशन कार्ड पिछले 2 साल से नही बन रहा था, इसके लिए उन्होंने 2017 से अधिकारियों के पास आवेदन कर रहे थे| लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही थी| परिवार मे 6 सदस्य हैं, तब उन्होंने अपनी समस्या को सीजीनेट में रिकॉर्ड किया जिसके बाद उनकी समस्या 2020 में हल हो गयी है इसलिये वे सीजीनेट के सभी मदद करने वाले साथियों और विभागीय अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं : संपर्क नंबर@7607764149
Posted on: Feb 28, 2020. Tags: IMPACT STORY RAJESH KUMAR SONBHADR SONG UP VICTIMS REGISTER
कागज के ये नोट...रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक रचना सुना रहे हैं:
कागज के ये नोट है बापू-
कागज के ये नोट-
कागज की ही माया इनकी-
नियत में है खोट-
बापू चले गाँव की ओर-
सांचे के ये रंग अनेक है-
सांचे के ये रंग-
जैसी करनी वैसी भरनी-
चले शहर की ओर बापू-
चले शहर की ओर...
