लिखे बघेली कविता हमू, दाई रक्षा करे गणेश...बघेली कविता-
ग्राम पोस्ट-पडरी, तहसील-सिरमौर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रमेश प्रसाद यादव एक बघेली कविता सुना रहे हैं :
लिखे बघेली कविता हम-
दाई रक्षा करे गणेश-
एक रहे गुरु एक रहे चेला-
जेखर किस्सा कहय रमेश-
तो अनपढ़ चेला एक दिन-
अपने गुरु बाबा से बोलिस-
अइसन घिरही पोहर भाषा-
अपने मुह से बोलिस-
पांव छुई हम रोज सकारे-
आशिर्वाद कभू ना दीहें...
Posted on: Sep 24, 2019. Tags: MP POEM RAMESH PRASAD YADAV REWA SONG VICTIMS REGISTER
तेरी पनाह में हमे रखना सीखे हम नेक राह पर चलना...गीत-
ग्राम-साहसपुर, पोस्ट-त्योथर, थाना-सोहागी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से विनीत यादव एक गीत सुना रहे हैं :
तेरी पनाह में हमे रखना सीखे हम नेक राह पर चलना-
कपट कर्म चोरी बेईमानी और हिंसा से मुझे बचाना-
नाली का बन जाऊं न पानी निर्मल गंगा जल ही बनाना-
अपने निगाह में हमे रखना तेरी पनाह में हमे रखना-
छमा वान कोई तुझसा नही और मुझसा नही कोई अपराधी-
पुन्य के नगरी में भी आके पांपो की गठरी ही बांधी-
तेरी पनाह में हमे रखना सीखे हम नेक राह पर चलना...
Posted on: Sep 24, 2019. Tags: MP REWA SONG VICTIMS REGISTER VINIT YADAV
भजन : तार पापी हजार, तार पापी हजार, आपन नाम लगाईं के-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक भजन सुना रहा है:
तार पापी हजार, तार पापी हजार-
आपन नाम लगाईं के-
सुवा पढ़ावत गढ़ का तर गये-
राम-नाम के नाम मिचड़ गये-
हो गई सागर पर, हो गई सागर पार-
आपन नाम लगाईं के-
पाँव धोईके केवट तर गये-
गंगा जी पार उतर गये-
तार परिवार, तार परिवार-
तार पापी हजार, तार पापी हजार-
आपन नाम लगाईं के...
Posted on: Sep 23, 2019. Tags: ANUPPUR CG LALLU KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
नई बगियाँ में फुल खिले हैं...गीत-
ग्राम-राजापुर, जिला-निवाड़ी (मध्यप्रदेश) से जयंती एक गीत सुना रहे हैं :
नई बगियाँ में फुल खिले हैं-
हमे तोड़ने जाना है-
मईयां का मंदिर सजाना हैं-
माथे में मईया के बिंदिया सोहे-
बिंदिया पे नग जुड़वाना हैं-
नाको मईया के नथनी सोहे-
नथनी पे नग जुड़वाना है...
Posted on: Sep 23, 2019. Tags: JAYANTI NIWARI MP SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : वायरल फीवर से होने वाले बुखार के घरेलु उपचार बता रहे है...
छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला रायपुर से वैद्द एच. डी. गाँधी और गजेन्द्र गुप्ता जो बता रहे है वायरल फीवर रोग उपचार. बारिश के बाद तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी लोगों को बीमार कर रही है। वायरल फीवर के चलते मौसम के बदलने और तापमान में आने वाले बदलाव के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे बुखार के बैक्टीरिया आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। यह बुखार शरीर को कमजोर कर देता है जिससे कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं.जिसका घरेलु उपचार (बिलोय) जिसे अमृता या गुड़्सी भी कहते है इसका ताजा रस लेना है करीब 10 से 25 मिली लीटर यदि बेल का रस नही मिलता है. तो बाजार में बिलोय का चूर्ण मिल जाता है इसे वायरल फीवर के लिए उपयोग करे जिसे बुखार ठीक हो जाता है.
