लोग दिखाते तो अच्छे हस्ती वाले हैं, पर उनका क्रियाकलाप इतना घटिया होता है...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
लोग दिखाते तो अच्छे हस्ती वाले हैं-
पर उनका क्रियाकलाप इतना घटिया होता है-
कि छोटे बच्चे भी हँसने लगते हैं-
बात इतनी ऊँची-ऊँची करते हैं कि-
कोई सीमा नहीं होता, पर करते कुछ नही...
Posted on: Apr 14, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
लोग अकेले में डरते हैं, पर मुझे भीड़ भाड़ से डर लगता है...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी अपने विचारो को कविता के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं :
लोग अकेले में डरते हैं-
पर मुझे भीड़ भाड़ से डर लगता है-
सैतानी भी भीड़ भाड़ में ही होती है-
एकांत तो संत महात्माओ का है-
एकांत में रहने से ईश्वर का भी ध्यान होता है-
इसीलिए तो संत गुरु एकांत में रहते हैं...
Posted on: Apr 14, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
हमार गांव मा आगे सीजीनेट गा, समस्या ला रिकॉडिंग कराबो...सीजीनेट गीत-
ग्राम पंचायत-ककनार, विकासखण्ड-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल केवट एक सीजीनेट गीत सुना रहे हैं :
हमार गांव मा आगे सीजीनेट गा-
समस्या ला रिकॉडिंग कराबो-
रिकॉडिंग कराबो, समस्या ला बताबो-
हमार टोला मा-
हमार गांव मा आगे सीजीनेट गा-
सीजीनेट के नंबर सुख दुःख के आधार है...
Posted on: Apr 14, 2019. Tags: CG JAGDALPUR KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
डॉ भीमराव अम्बेडकर की 128 जयंती, आज युवाओ को उनके विचारो पर चलने की आवश्यकता है...
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से प्रीतमलाल प्रजापती डॉ भीमराव अम्बेडकर की 128 जयंती पर शुभकामनायें देते हुए संदेश दे रहे हैं| वे कह रहे हैं| आज भी हमारे समाज में कई तरह की विसंगतिया हैं| जिसको दूर करने के लिये सभी युवा पीढ़ी को सामने आना होगा| समाज में कई तरह की बुराई है, जैसे जातीवाद, क्षेत्रवाद, बाल विवाह आदि जो देश के विकास में बाधा है| आज सभी को जागरूक होने की आवश्यकता है| शिक्षित और संगठित रहने के साथ संघर्ष करने की आवश्यकता है| जिससे समाज और देश का विकास हो सके|
Posted on: Apr 14, 2019. Tags: MP PRITAMLAL PRAJAPATI REWA SONG VICTIMS REGISTER
दो जंवा दिलो का गम दूरियां समझती हैं...गीत-
खैरागढ़ संगीत विश्व विद्यालय (छत्तीसगढ़) से संतलाल पाठक एक गीत सुना रहे हैं :
दो जंवा दिलो का गम दूरियां समझती हैं-
कौन याद करता है, हिचकियां समझती हैं-
यूं तो सैर गुलशन को कितने लोग आते हैं-
फूल कौन तोड़ेगा डालियां समझती हैं-
दो जंवा दिलो का गम दूरियां समझती हैं-
कोन याद करता है, हिचकियां समझती हैं...
