कुछ चुटकुले, कन्हैया लाल पड़ियारी द्वारा
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक चुटकुला सुना रहे हैं:
शाली जीजा से बोली- जीजाजी चलो कहीं से घूम कर आते हैं|
जीजा- घूमने वाला तोह घूम रहा, उसे आने दो|
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जीजा शाली से बोला – चलो कही घूम कर आते हैं|
शाली- यहाँ सब घूमते है, घूमने वाला कोई नहीं|
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Posted on: May 22, 2019. Tags: CG CHUTKULA KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
कुछ-कुछ शोर शराबा था, कुछ-कुछ था शांति...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
कुछ-कुछ शोर शराबा था, कुछ-कुछ था शांति-
शोर शराबा इसलिये था-
क्यों कि एक बुज़ुर्ग बेसहारा का निधन हो गया था-
शांति इसलिये था क्यों कि उसका कोई रोने वाला नहीं था-
उसके जान पहचान सगे संबंधी दूर के थे-
उन्हें बुला कर अंतिम संस्कार किया गया-
कहानी हुवा ख़तम, वह था एक संत...
Posted on: May 22, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
सो रही थी नन्ही सी जान, दुबक बीच के अन्दर...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सो रही थी नन्ही सी जान, दुबक बीच के अन्दर
पडी धरती मै ही, जाग उठी उसके अन्दर
खूब भीगी नहाई फूली, आ गई वो बाहर
पली बढ़ी जवान हुई, दिखने लगी वह सुन्दर
कलि बनी फूल बना, फुला फला एक सुन्दर
एक बीज आया एक बीज अपना जैसा , डाली उसके अंधार ...
Posted on: May 22, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI POEM SONG VICTIMS REGISTER
नन्द के नंदा, आन्नद कंदा, बलमुकुन्दा है जगदम्बा,है जगदम्बा...एक व्यंग
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक व्यंग सुना रहे हैं:
नन्द के नंदा, आन्नद कंदा,
बलमुकुन्दा है जगदम्बा,है जगदम्बा,
जब जब बढ़ा शरती का भर,
तुमने लिया अवतार,
कड़ी काल का हुआ विस्तार,
तुम कब लोगे अवतार,
माता पिता को पुत दे रहा दुत्कार
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
तीन रंगो से रंगा है यहाँ की तीन जहाँ-कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
तीन रंगो से रंगा है यहाँ की तीन जहाँ,
तिरंगा के निचे टिका है यहाँ सभी का जान,
ना कोई सिख ईसाई न कोई हिन्दू मुस्लमान,
सभी एक होकर तीनो रंगो का करो सम्मान,
जात पात रंग भेध मिटा कर तिरंगा का करो गुणगान,
तीन रंगो से रंग है यहाँ की तीन जहाँ...
