माटी होई तोर चोला रे संगी माटी होई तोर चोला...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम पंचायत-कुप्पा, पोस्ट-लांजीत, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रामप्रसाद सिंह श्याम एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें हैं:
माटी होई तोर चोला रे संगी माटी होई तोर चोला-
हे माटी ले उपजे गा माटी माँ बाढ़हे माटी में मिलना चोला रे संगी-
हे माटी के घर माँ माटी के भुइयाँ माटी होही तोर चोला-
माटी में उबजे माटी में बाढ़हे गा माटी में मिलना चोला रे संगी-
ये माटी के घर माँ माटी के भुइयाँ लाख जतन करे माटी के दुनियाँ-
माटी होही तोर चोला रे संगी माटी होही तोर चोला...
Posted on: Jun 05, 2018. Tags: RAMPRASAD SINGH SHAYAM SONG VICTIMS REGISTER
तोला में जोहारों बारम बार दाई कुदरगढ़ के कुदरगढ़ीन...भजन गीत
ग्राम-खोहिर, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रानी आयाम एक गीत सुना रही हैं:
तोला में जोहारों बारम बार दाई कुदरगढ़ के कुदरगढ़ीन-
पूर्वे पहार आहे पश्चिम पहार बीचे में बीचे कंड बहे गंगा धार-
चारों मुड़ा चारों मुड़ा गूंजे जय-जय कार दाई कुदरगढ़ के कुदरगढ़ीन-
चारों मुड़ा बहे नदीं धार दाई विजय कुण्ड के महानदी-
पूर्वे पहार आहे पश्चिम पहार बीचे में बीचे कंड बहे गंगा धार-
तोला में जोहारों बारम बार दाई कुदरगढ़ के कुदरगढ़ीन...
Posted on: Jun 05, 2018. Tags: RANI AAYAM SONG VICTIMS REGISTER
तेंदूफुल बना में तेंदूफुल बना में रे कोई तो पहीरे ककर माना में रे...कर्मा गीत
ग्राम-धुमाडाड, पोस्ट-गोविंदपुर, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से शिवबालक सिंह श्यामले एक कर्मा गीत सुना रहे हैं:
तेंदूफुल बना में तेंदूफुल बना में रे कोई तो पहीरे ककर माना में रे-
बरधा पूछी चवरा खेल रसा भवरा बरधा पूछी चवरा रे-
तेंदूफुल बना में तेंदूफुल बना में रे कोई तो पहीरे ककर माना में रे-
बरधा पूछी चवरा खेल रसा भवरा बरधा पूछी चवरा रे-
तेंदूफुल बना में तेंदूफुल बना में रे कोई तो पहीरे ककर माना में रे...
Posted on: May 27, 2018. Tags: SHIWBALK SINGH SHAYAMLE SONG VICTIMS REGISTER
हवा हूँ हवा मैं, बसंत की हवा हूँ, सुनो बात मेरी अनोखी हवा हूँ...गीत
ग्राम-धुमाडाड, पोस्ट-गोबिंदपुर, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सतीश कुमार आयाम एक गीत सुना रहे हैं:
हवा हूँ हवा मैं, बसंत की हवा हूँ, सुनो बात मेरी अनोखी हवा हूँ-
बड़ी बावली हूँ, बड़ी मस्त मोला, नही कुछ फ़िक्र है बड़ी ही नीड़र हूँ-
जिधर घूमती हूँ, मुसाफिर अजब हूँ, न घर बार मेरा, न उद्देश्य मेरा-
नशे में ना दुश्मन, जिधर चाहती हूँ, उधर घूमती हूँ-
हवा हूँ हवा मैं बसंत की हवा हूँ, सुनो बात मेरे अनोखी हवा हूँ...
Posted on: May 25, 2018. Tags: SATHISH KUMAR AAYAM SONG VICTIMS REGISTER
हाय रे मांझी, ले चल नदियाँ के पार, नदियाँ तेज़ बहे धार...सरगुजिया गीत
ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जयंती आयाम के साथ है सीतारानी नेटी जो एक गीत सुना रही है:
हाय रे मांझी, ले चल नदियाँ के पार-
ढंगा तोरा हिले ला, डोले ला, नदियाँ तेज़ बहे धार-
हाय रे मांझी, हो हो हो रे, ले चल नदियाँ के पार-
नदियाँ के पानी मारे ला हिल्लोर, छूट ना जाए कही नय्या की डोर-
धीरे चला रे, छूट ना जाए कही पतवार-
ढंगा तोरा हिले ला, डोले ला, नदियाँ तेज़ बहे धार...
