फूल जैसी मुस्कान तेरी...गीत
ग्राम-हिन्दूबिनापाल, तहसील-अंतागढ, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सीता और सारिका ध्रुव एक गीत सुना रहे हैं:
फूल जैसी मुस्कान तेरी-
तू बनेगा पहचान मेरी – अम्बर के तारो को-
धरती पे लाना है-
राजा इस दुनिया का बन के दिखलाना है –
माँ की दुआए फूले पले तो-
सचाईयो को रख के चले तो-
फूल जैसी मुस्कान तेरी-
मै बनुगी पहचान तेरी...
Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CG HINDI KANKER RAVO WADDE SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: मलेरिया का घरेलू उपचार-
ग्राम-रहगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकात शर्मा आज हमें मलेरिया रोग का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं. वे कह रहे हैं कि अपामार के पत्ते और काली मिर्च बराबर मात्रा में लेकर पीस लें और फिर इसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाकर मटर के दानों के बराबर गोलियां तैयार कर लें फिर एक-एक गोली को भोजन के बाद नियमित सेवन करने से मलेरिया ज्वर नहीं पकड़ता है | इन गोलियों का सेवन दो से चार दिन करना पर्याप्त होता है | नोट-अपा महारक को छिछला के नाम से भी जाना जाता है, जो आसानी से मिल जाता है | अधिक जानकारी के लिए संपर्क वैद्य चंद्रकात शर्मा@9893327457
Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH HINDI MUNGELI SONG VICTIMS REGISTER
जौहरी के बेटे के नकली हीरे के हार की कहानी-
एक जोहरी था जिसका निधन हो जाने पर उसके घर में बहुत बढ़ा संकट आ गया, घर में खाने तक की समस्या हो गई, जोहरी का एक लड़का था जिसे उसकी माँ ने एक हार देकर कहा जाओ चाचा जी से कुछ मांग लाओ, चाचा ने हार को देखा और कहा अभी बाजार तेज नही है, जब बाजार तेज होगा तब लाना, और लडके को कुछ पैसे देकर अपने दुकान में काम करने के लिए कहा, लडके ने उसकी बात मान ली, कुछ दिन बाद लड़का काम सीख गया. दूर-दूर से लोग अपने हीरे की परख कराने के लिए उसके पास आने लगे, तब उसके चाचा ने उसे हार लाने को कहा, लड़का जब हार को देखा तो उसे पता चला वह नकली है, चाचा के पूछने पर उसने बताया वह हार नकली है, चाचा ने कहा यदि यह बात मै पहले कहता तो तुम नही मानते और मुझे बुरा समझते...
Posted on: Aug 27, 2018. Tags: GUPTA HINDI SONG SONU STORY VICTIMS REGISTER
दुल्हा की दाई, दुल्हा की दाई, ओ भल अमरहियां...विवाह गीत
आशा नेटी और महेंद्र उइके आज ग्राम-डूमाडांड, ब्लाक-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में है उनके साथ गाँव की तीन महिलाएं है जो एक गीत सुना रही है:
दुल्हा की दाई, दुल्हा की दाई-
ओ भल अमरहियां, ओ भल अमरहियां – काही न बरही झाआ-
बाबू लालन वा मोरे-
काही न बरही झाआ...
Posted on: Aug 27, 2018. Tags: AASHA NETI BILASPUR CG HINDI MAHENDRA UIKE MARRIAGE SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: मक्के का पेज बनाकर पीने से गर्मी से राहत मिलती है, गाय के लिए भी बहुत उपयोगी...
ग्राम तोरखुडु, पंचायत-हनुमानपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से पांडुराम कतलामी बता रहे हैं कि वो लोग मक्का की खेती किस प्रकार करते है और उसके उपयोग के बारे में भी बता रहे है: वे कह रहे हैं कि हम लोग मक्का उगाने के लिए सबसे पहले हल चलाते है उसके बाद मक्का के बीज को बो देते है | जब मक्का थोड़ा बड़ा हो जाता है तब हम मक्के के साथ जो घास उगता है उसको उखाड़ कर फेक देते है (निदाई करते है) जब मक्का खिल जाता है (फल जाता है)तब हम मक्का के पत्ती को काट कर गाय बैल को खिलाते है इससे गाय भैंस स्वस्थ रहता है और बहुत दूध देती है हम मक्का को भूंज कर भी खाते है और उसका पेज बनाकर पीते है जिससे गर्मी के मौसम में राहत मिलती है |


