बीती जात उमरिया की धीरे-धीरे...गीत-
जबलपुर (मध्यप्रदेश) से राजकुमार काछी एक कार्यक्रम में शामिल हैं और वे एक गीत सुना रहे हैं :
बीती जात उमरिया की धीरे-धीरे-
बालपन लड़कन संग खेले-
पुतरा और पुतरिया के धीरे-धीरे-
बीती जात उमरिया की धीरे-धीरे-
बालपन लड़कन संग खेले-
पुतरा और पुतरिया के धीरे-धीरे...
Posted on: Jun 27, 2019. Tags: JABALPUR MP RAJKUMAR KACHHI SONG VICTIMS REGISTER
आमा फरे लजर बजर आमा खाये ला...गीत-
ग्राम-बगरा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से लाला राम एक गीत सुना रहे हैं :
आमा फरे लजर बजर आमा खाये ला-
चला संगी रे आमा बिने के-
आमा गिरे लदर-बदर आमा बिने के-
आमा फरे लजर बजर आमा खाये ला-
चला संगी रे आमा बिने के-
आमा गिरे लदर-बदर आमा बिने के...
Posted on: Jun 27, 2019. Tags: BALRAMPUR CG LALA RAM SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : दस्त का घरेलू उपचार-
जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय दस्त का घरेलू उपचार बता रहे हैं| दो चम्मच सौंफ को लोहे के तवे में भून लेना है| और दो चम्मच सौंफ बिना भूने लें| दोनों को मिलाकर पीसकर चूर्ण बना लें| उसमे चार चम्मच मिश्री का चूर्ण मिला लेना है| उसके बाद एक-एक चम्मच चूर्ण रोगी को सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करायें| लाभ हो सकता है| मिर्च, मसाला, तेल, खटाई युक्त भोजन न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : राघवेंद्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Jun 27, 2019. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : लकवा या पैरालिसिस बीमारी का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी लकवा या पैरालिसिस बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं| लहसुन की दो कली को छोटे-छोटे टुकड़े कर लें| उसके बाद शहद में मिलाकर एक छोटी कटोरी में कुछ समय तक रख दें| सुबह-शाम ऐसा बनाकर चबा-चबाकर सेवन करें लाभ हो सकता है| दूसरा देशी गाय का घी नाक में 5 बूंद डालें| ठण्डी चीजों से बचें| मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ पदार्थ, मैदा, शक्कर नमक का प्रयोग कम करें| नशा न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: एच डी गांधी@9111316099.
Posted on: Jun 26, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
गढ़िया धाम मा देवी देवता, बिराजे हवे हनुमान...गीत-
ग्राम पंचायत-रामापुरम, जिला-भद्रादी कोठागुडम (तेलंगाना) से कन्हैयालाल केवट एक स्वलिखित गीत सुना रहे हैं :
गढ़िया धाम मा देवी देवता, बिराजे हवे हनुमान-
अउ देवी मढिया चौरा मा विराजे सबके करू बखान-
गढ़िया अउ देवी, मढिया मा सिद्ध मुनि बैठे हे मिरगा छाला मा-
लोहे के छड़ी सब के मन मोहे-
गले के घोठहरी माला मा-
गढ़िया मा ठाकुर बाबा बिराजे, सुनो गा लईका सियान...
