हमें अच्छा व्योहार रखना चाहिये, और विवाद नहीं करना चाहिये...कहानी-
श्यामू नाम के किसान का एक बेटा था| जो पढ़ने लिखने में होशियार था| सभी उसे पसंद करते थे| कक्षा में उसके अच्छे परिणाम के कारण शिक्षक भी पसंद करते थे| वही एक दूसरा लड़का रामू भी रहता था| जो बड़े अफसर का बेटा था| वह श्यामू के बेटे को पसंद नहीं करता था| दोनों में फर्क था| एक अमीरी का दिखावा करता था| दूसरा शांत और सरल व्योहार करता था| एक दिन दोनों में बहस हो गई, और बात झगड़े तक आ गई| शयामू ने ये बात अपने पिता से बताई| उसके पिता अपने बेटे के बारे में जानते थे| इसलिये उन्होंने उसे डाटा और खुद के व्योहार में भी सुधार लाया|
Posted on: Apr 28, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
किसी भी काम को लगन से करना चाहिये, बार-बार बदलना नहीं चाहिये...कहानी-
एक आदमी पानी के लिये यहां वहां भटक रहा था| उसे कहीं पानी नहीं मिल रहा था| पानी के लिये दूर जाना पड़ता था| वह एक आदमी से बोला हमें पानी के लिये बहुत दूर जाना पड़ता है| क्या करें ? जवाब मिला अपने जमीन में कुआ खोदो पानी मिल जायेगा| उसने वैसा ही किया| लेकिन फायदा नहीं हुआ| फिर उसने दूसरी जगह कुआ खोदा| वहां भी पानी नहीं मिला| ऐसे करते हुए, उसने 10 कुँए खोद डाले | लेकिन पानी नहीं मिला| वह फिर उसी आदमी से मिला, और बताया पानी कहीं नहीं मिला| आदमी बोला चलो दिखाओ कहां खोदे हो| उसने दिखाया तो पता चला| सभी कुँए छोटे-छोटे थे| उसने कहां जितना मेहनत और समय 10 कुँए में किये हो, उतना एक में करते तो पानी मिल जाता|
Posted on: Apr 27, 2019. Tags: SONG SONU GUPATA STORY UP VICTIMS REGISTER
यहां ज्ञान अर्जन करने वाला कोई नहीं है...कहानी-
एक महात्मा बहुत दूर से कथा बांचने के लिये आये| वह प्रतिदिन लोगो को ज्ञान की बात बताता था| कुछ उसे ग्रहण करते थे| कुछ ध्यान नहीं देते थे| उसने सभी से बोला अपने घर में एक मुट्ठी चावल रखना| वह एक दिन तुम्हारे काम आयेगा| उसके बाद वह अपने स्थान को वापस चला गया| दूसरे वर्ष वह महात्मा पुनः उसी स्थान पर आया| वही श्रोता पुनः कथा सुनने गये| कथा शुरु करने से पहले महात्मा ने पूछा मैंने एक मुट्ठी चावल रखने के लिये बोला था| जिन्होंने चावल रखा था, वे खड़े होकर सामने आये| कोई सामने नहीं आया| उसने बोला फिर कथा सुनने का क्या फ़ायदा| तब एक बुजुर्ग महिला उठकर बोली| बेटा मैंने रखा है| लेकिन उठाकर ला नहीं सकी| मेरे साथ चलकर ले आना| महात्मा महिला के झोपड़ी में गया| तो देखा वहां कुछ नहीं था| उसने बोला माता झूठ क्यों बोली| महिला ने कहा| ये संसार भी झोपड़ा की तरह है| श्रोता ऐसे ही रहेंगे| महत्मा ने कथा बचना बंद कर दिया| वह समझ गया यहां ज्ञान अर्जन करने वाला कोई नहीं है|
Posted on: Apr 27, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGADH SONG STORY VICTIMS REGISTER
Impact : 2 नवंबर 2018 को सीजीनेट में अपनी समस्या को रिकॉर्ड किया था| फरवरी 2019 में मुवावजा मिल गया-
ग्राम पंचायत-कुप्पा, ब्लॉक-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से लखन सिंग नेताम बता रहे हैं| 3 साल पहले उनके चार बैलो पर आकासीय बिजली गिर जाने से मौत हो गई थी| जिसके लिये उन्होंने कार्यालयों में आवेदन दिया था| लेकिन कोई कारवाही नहीं हो रही थी| तब उन्होंने 2 नवंबर 2018 को सीजीनेट में अपनी समस्या को रिकॉर्ड किया था| जिसके बाद फरवरी 2019 में उन्हें मुवावजा मिल गया| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं| लखन सिंग नेताम@8889362032.
Posted on: Apr 26, 2019. Tags: CG IMPACT STORY LAKHAN SINGH NETAM ODGI SONG VICTIMS REGISTER
जिंदगी में कोई चुनौती आये तो उसे मजबूती से सामना करना चाहिये...कहानी
एक बार की बात है| गांव में सूखा पड़ जाता है| सभी गांव वालो की फसल बर्बाद हो जाती है| सभी परेशान हो जाते है | और आपस में चर्चा करने लगते हैं| जरुर हमारे गांव में किसी ने पाप किये होंगे| जो भगवान बदला ले रहा है|” इस तरह कई चर्चा होने लगी| सभी तय करते हैं| चलो भगवान के दर्शन करने चलते हैं| वहां प्रार्थना करते हैं| हो सकता है बारिस हो जाये| और चल पड़े| सब अच्छे से हो जाता है| फिर सभी वापस लौटते हैं| तब उन्हें रास्ते में रात हो जाता है| उनकी गाड़ी घने जंगल से गुजरती है| सभी डरे होते हैं| उनके दिमाग में तरह-तरह के ख्याल आने लगते हैं| एक के बाद एक समस्या होने लगती है | फिर अचानक बारिश होने लगती है| जोर से बिजली कड़कने लगती है| और बार-बार उनके गाड़ी पास बिजली गिरती है| सभी में चर्चा होने लगती है| आज किसी का आखरी दिन है| सभी अपनी सुरक्षा के लिये प्रार्थना करने लगते हैं| उसमे से एक बोलता है| आज किसी एक की मौत तय है| उसे गाड़ी से उतार दिया जाये| तभी हम बच सकते हैं| लेकिन उसकी पहचान कैसे हो| तभी उनमे से एक बोलता है| सभी एक-एक कर गाड़ी से उतरकर सामने के पेड़ को छूकर आयेंगे| जिसकी मौत पक्की होगी| उस पर बिजली गिर जायेगी| सभी एक-एक कर पेड़ को छूकर आने लगे| पहले भुवन, दूसरे में शामू, तीसरे में भीमा जाता है| सभी बच जाते हैं| आखरी बारी नत्थू की होती है| तो उसे लगता है| उसके वजह आज सभी जोखिम में फस गये हैं| और उदास हो जाता है| फिर वह खुद को दोषी मानकर सभी के सुख के प्रार्थना करते हुए| खुद को मौत सौपने के लिये| पेड़ को छूने जाता है| तभी गाड़ी पे बिजली गिर जाती है| और उसके सभी साथी मर जाते हैं| जिससे वह दुखी होता है | और उनके जीवन के लिये प्रार्थना करता है| जिससे सभी फिर जीवित हो जाते हैं, और नत्थू से माफ़ी मांगते हैं|
