नानी तेरी मोरनी को मोर ले गये...गीत-
हल्दीबाड़ी, चिरमिरी, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से ऋचा सूर एक कविता सुना रहे हैं :
नानी तेरी मोरनी को मोर ले गये-
बाकी जो बचा था काले चोर ले गये-
खाके पीके, मोटे हो के चोर बैठे रेल में-
चोरो वाला डब्बा कट के पहुंचा सीधा जेल में-
नानी तेरी मोरनी को मोर ले गये-
बाकी जो बचा था काले चोर ले गये...
Posted on: Jun 20, 2019. Tags: CG KORIYA POEM RICHA SUR SONG VICTIMS REGISTER
पंछी का पर क़तर के कहते हैं, उडके दिखाओ...गीत-
चिरमिरी, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से गोपाल सूर एक संगीतमय गीत सुना रहे हैं :
पंछी का पर क़तर के कहते हैं, उडके दिखाओ-
जुवां काट के दुनिया वाले, कहते हैं तुम गाओ-
रोना चाहे रोना पाये दिल कितना मजबूर है-
किसे पता है कौन बताये किसे क्या मंजूर है-
लेके के आचल के तले, मुझको वरदान दिया-
मैंने देखा वही माँ ने जो ज्ञान दिया...
Posted on: Jun 20, 2019. Tags: CG GOPAL SUR KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
Impact : सीजीनेट साथियों के मदद से शौचालय बन गया...
ग्राम-मोहली, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से रमपत मरावी बता रहे हैं| उनका शौचालय का समस्या था| आवेदन करने पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे थे| तब उन्होंने अक्टूबर 2018 में अपनी समस्या को सीजीनेट में रिकॉर्ड किया| जिसके बाद फरवरी 2019 में उनकी समस्या हल हो गई| इसलिये वे खुश होकर सीजीनेट के साथियों और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं| जिन्होंने उनकी मदद की| संपर्क नंबर@6260182981.
Posted on: Jun 20, 2019. Tags: BALRAMPUR CG IMPACT STORY RAMPAT MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
दोस्तों तुम्हारे है हवाले वतन...गीत-
गनियारी, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से संतोष कुमार अहिरवार एक गीत सुना रहे हैं:
दोस्तों ये तुम्हारे है हवाले वतन-
है मुनासिफ कभी भूल जाना नहीं-
कितने वीरो ने सर पर ये बांधे कफन-
जान दे दी पर शान जाने न दी-
उनके आबा को अब हम पूरा करें-
है मुनासिफ कभी भूल जाना नहीं...
Posted on: Jun 20, 2019. Tags: BILASPUR CG SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
सुनो-सुनो संगवारी अनपढ़ का दुःख होथे भारी...गीत-
ग्राम-रामापुरम (तेलंगाना) से कन्हैयालाल केवट शिक्षा पर एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
सुनो-सुनो संगवारी अनपढ़ का दुःख होथे भारी-
लेखा जोखा कुछु नई तो जाने-
हँसी करी नर-नारी-
गांव मा जब होवे बैठक, कबहूँ न ओही बुलावें-
कबहूँ काल जब धोखा मा पहुचयें, बोलय न कउ कुछ बतावें-
दस्खत समय जब अंगूठा दिखावें हंसी करें नर-नारी...
