बेरा पहाती अंगना मा मोरे...छत्तीसगढ़ी लोक गीत-
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से राधा जैसवाल छत्तीसगढ़ी लोक गीत
सुना रही हैं-
बेरा पहाती अंगना मा मोरे-
चिंव चिंव करें मोरे चिरैया-
आजी इहा हवंव कल चली जाहू-
जिहा रही मोर सैंया मोर सैंया-
खेली लेतिंव मैं बिचारी बाबुल की अंगना...(RM)
Posted on: Jan 09, 2021. Tags: CG SONG VICTIMS REGISTER
सुख के सब साथी दुःख में ना कोई...भजन गीत-
(गुजरात) से रविन्द्र भजन गीत सुना रहें हैं-
सुख के सब साथी दुःख में ना कोई-
मेरे राम मेरे राम मेरे राम मेरे राम-
तेरा नाम एक सच्चा दूजा ना कोई-
जीवनानी जानी छाया जूठी माया-
सुख के सब साथी दुःख में ना कोई...(RM)
Posted on: Jan 09, 2021. Tags: BHAJAN SONG VICTIMS REGISTER
स्वस्थ्य स्वर : शहद औषधि का घरेलू उपचार बता रहें है-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल शहद औषधि का घरेलू रोग उपचार बता रहें है-
काली खांसी – मक्के की भत्ते को दाना निकालकर उसे जलाकर राख कर दे और दो ग्राम भस्म में शहद मिलाकर सेवन करने से काली खांसी आना बंद हो जाता हैं काली खांसी में अत्यंत लाभ होता हैं|
छपाकी रोग – 25 ग्राम शहद में 5 ग्राम गेरू मिलाकर लगतार दिन में 3 बार चाटने कर सेवन करने से छपाकी रोग समाप्त हो जाता है|
स्वप्नदोष – दूध में शहद मिलाकर पीने से धातु जाना व् मर्दाना कमजोरी में अत्यंत लाभ होता है|
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे केदारनाथ@9826040015…(179752)GT
Posted on: Jan 09, 2021. Tags: HEALTH SONG VICTIMS REGISTER
सुख के सब साथी, दुःख में न कोय...भक्ति गीत-
ग्राम-आमनदुला, जिला-जांजगीर चाम्पा (छत्तीसगढ़) से चंद्रकांत लहरे हिंदी भक्ति गीत सुना रहे हैं:
सुख के सब साथी, दुःख में न कोय-
मेरे राम, मेरे राम, तेरो नाम एक सांचा-
दूजा न कोय, सुख के सब साथी-
जीवन आंनी जानी काया-
झूठी माया झूठी काया-
फिर काहे को सारी उमरिया-
पाप की गठरी ढोए-
सुख के सब साथी, दुःख में न कोय...(180122) GT
Posted on: Jan 09, 2021. Tags: BHAKTI SONG SONG VICTIMS REGISTER
कोयल के कु के अच्छी बात, बम बन्दूके बुरी बात...पंक्तियाँ-
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व पंक्तिया सुना रहें हैं:
कोयल के कु के अच्छी बात-
बम बन्दूके बुरी बात-
पूरी कचोरिया अच्छी बात-
चाकू चुरिया बुरी बात-
दिल कि नजदीकिया अच्छी बात-
दिल कि दूरिया बुरी बात-
प्रेमी प्रेमिका अच्छी बात-
कलम का टीका बुरीं बात-
सबको मिली बुद्धि की सौगात-
रहना अपनी अपनी औकात-
सदा ही सोचना अच्छी बात-
और त्यागना बुरी बात...(180112) GT
